कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
EC के अफसर पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: RTI से खुलासा- दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकाय...      Bihar MLC Election 2026 Live: वोटिंग के बीच मोकामा में बवाल, अनुज सिंह और नीरज सिंह के समर्थक भिड़े      आजम खान से केवल इसलिए मिलना चाहते थे अखिलेश? AIMIM के वारिस पठान ने किया ये दावा      MLC वोटिंग से पहले आधी रात को 7 गाड़ियों में पहुंची पुलिस, पटना में RJD प्रत्याशी डॉ संजीव के घर क्या हुआ?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कब और कैसे हो सकती है कार्रवाई, ओम बिरला ने बताया      बॉर्डर पर चीन से Face-Off अब भी जारी... ITBP डीजी ने बताया कैसे हमारे जवाब मुंहतोड़ जवाब देने को हैं तैयार      सौरभ दास ने बाहर आते ही किया कांड, नहीं मानी पुलिस की बात; रांका भी घिरे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल ब्रेकिंग

गोरखपुर में हलचल: लेखपालों ने आज से अपने आंदोलन की शुरुआत की

गोरखपुर जिले में लेखपालों ने आज से अपना प्रस्तावित आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रशासन के कामकाज पर इस प्रदर्शन का सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

A
Ankit Yadav
04 अक्ट 2026, 11:41
गोरखपुर में हलचल: लेखपालों ने आज से अपने आंदोलन की शुरुआत की

आंदोलन का आधिकारिक आगाज

गोरखपुर जिले के लेखपालों ने आज 3 अक्टूबर 2026 से अपने घोषित आंदोलन की औपचारिक शुरुआत कर दी है। सरकारी भू-अभिलेखों के रखरखाव और ग्रामीण राजस्व संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार इन कर्मचारियों के काम पर न आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर तत्काल प्रभाव पड़ा है। लेखपाल किसी भी राजस्व विभाग की सबसे जमीनी कड़ी होते हैं, जो कृषि भूमि से जुड़े आंकड़ों, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाणपत्रों के सत्यापन का कार्य करते हैं। आज सुबह से ही इस आंदोलन के कारण संबंधित तहसीलों और सरकारी कार्यालयों में काम ठप रहने की सूचना है। जिले के तमाम लेखपालों ने एक साथ अपनी मांगों को लेकर मुखर होते हुए कार्य बहिष्कार का रास्ता चुना है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। जो लोग अपने जरूरी सरकारी कागजात बनवाने के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, उन्हें आज खाली हाथ लौटना पड़ा है। यह आंदोलन आज से शुरू होकर अगले आदेशों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे राजस्व विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली पर गहरा असर पड़ना निश्चित है।

कार्य बहिष्कार और मांगों का विवरण

लेखपालों का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से कामकाज रोकने पर आधारित है, जिसे तकनीकी भाषा में कार्य बहिष्कार कहा जा रहा है। गोरखपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात लेखपालों ने अपनी पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार आज से किसी भी प्रकार की फील्ड ड्यूटी या दफ्तर के काम में शामिल होने से इनकार कर दिया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, लेखपालों की यह नाराजगी उनके विभागीय वेतन ढांचे, पदोन्नति की धीमी गति और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर है। उन्होंने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी तैयार किया है जिसे वे जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। प्रदर्शन कर रहे लेखपालों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस विचार नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समाधान निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, जिले भर की तहसीलों में सन्नाटा पसरा हुआ है और कोई भी राजस्व संबंधी फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि यह निर्णय लंबी प्रतीक्षा के बाद लिया गया है।

प्रशासनिक प्रभाव और व्यापक संदर्भ

राजस्व लेखपाल का पद उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक संरचना में एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ के रूप में कार्य करता है। लेखपाल ही वह अधिकारी होता है जो गांव स्तर पर जमीन की पैमाइश, फसल का ब्यौरा दर्ज करने और आपदा के समय नुकसान का आकलन करने की प्राथमिक जिम्मेदारी निभाता है। ऐसी स्थिति में जब लेखपाल वर्ग आंदोलन के रास्ते पर होता है, तो पूरा राजस्व तंत्र प्रभावित हो जाता है। आम जनता के लिए इसका सबसे बुरा असर यह होता है कि उनके निजी काम जैसे वरासत दर्ज कराना, जमीन का दाखिल-खारिज करवाना या बैंक लोन के लिए जरूरी खतौनी निकलवाना पूरी तरह बंद हो जाता है। तकनीकी रूप से, अब अधिकतर सरकारी काम ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होते हैं, लेकिन इन पोर्टल्स को अपडेट करने और फाइलों को सत्यापित करने का अंतिम कार्य लेखपाल के ही लॉगिन आईडी से होता है। यदि लेखपाल काम नहीं करते हैं, तो डिजिटल व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप पड़ जाती है। गोरखपुर में आज शुरू हुए इस आंदोलन के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ना तय है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और आंदोलनकारी लेखपाल संघ के बीच कब तक और किस स्तर पर बातचीत का दौर शुरू होता है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज