आठ जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम का रुख अचानक बदल गया है, जिसके चलते पूरे राज्य में आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है। शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार रात से ही बारिश का क्रम जारी है, जो बुधवार को भी बना रहा। खराब मौसम की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने सात अक्टूबर से नौ अक्टूबर तक राज्य के अनेक हिस्सों में वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान मौसम सामान्य न रहकर काफी सक्रिय रहने की आशंका है। विशेष रूप से आठ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बारिश के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। इस बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे राज्य के निवासियों को अब पूरी तरह साफ मौसम की उम्मीद छोड़नी होगी।
तेज हवाओं और आंधी का खतरा
मौसम के बदले मिजाज के कारण लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों के भीतर रहना ही सबसे उचित उपाय है। पिछले एक दिन में प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और वर्षा हुई है, जिससे औसत अधिकतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। किन्नौर जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने ठंड के दस्तक देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच दिनों के भीतर तापमान में और अधिक उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है। चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने के आसार बने हुए हैं। इन ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से आसपास के निचले इलाकों में भी ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है, जिसके प्रति स्थानीय प्रशासन और निवासियों को पूरी तरह तैयार रहने की जरूरत है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ सकती है ठंड
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अब धीरे-धीरे सर्दी का असर तेज होने वाला है, जिससे सुबह और देर रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा सकती है। इसके विपरीत, मैदानी इलाकों और मध्यम ऊंचाई वाले स्थानों पर दिन का समय फिलहाल आरामदायक बना रहेगा, क्योंकि बारिश के बाद वातावरण में आई ठंडक ने वहां के मौसम को सुहावना बना दिया है। हालांकि, पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन पैदा हो सकती है और दृश्यता कम होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का सीधा प्रभाव तापमान पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का प्रभाव काफी बढ़ जाएगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें, क्योंकि बदलते मौसम का सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है।