कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब पर अटैक से भड़का भारत, विदेश मंत्रालय की दो टूक- तुरंत बंद हों हमले      अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत      AIIMS से डीम्ड यूनिवर्सिटीज तक... NEET UG काउंसलिंग के बाद क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

कला उत्सव: विश्व पर्यटन दिवस पर आमाडूबी केंद्र में बच्चों ने बिखेरे रंग

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रमों के तहत आमाडूबी पर्यटन केंद्र में बच्चों के लिए चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अनूठी पहल में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उतारा।

A
Ankit Yadav
28 सित 2026, 16:22
कला उत्सव: विश्व पर्यटन दिवस पर आमाडूबी केंद्र में बच्चों ने बिखेरे रंग

आमाडूबी पर्यटन केंद्र में चित्रांकन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन घाटशिला क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन केंद्र आमाडूबी में विश्व पर्यटन दिवस के पावन अवसर पर एक विशेष चित्रांकन प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के विद्यार्थियों के भीतर कला के प्रति रुचि जगाना और उन्हें अपनी छिपी हुई प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक उपयुक्त मंच प्रदान करना था। सुबह से ही केंद्र परिसर में बच्चों का भारी उत्साह देखने को मिला जहां उन्होंने तूलिका और रंगों की सहायता से विभिन्न मनमोहक दृश्यों को कागज पर उकेरना शुरू किया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने ग्रामीण परिवेश, प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता का बेहतरीन परिचय दिया। इस रचनात्मक गतिविधि में भाग लेने वाले सभी बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था जो इस तरह के आयोजनों की सफलता की गवाही दे रहा था। शिक्षकों और आयोजकों की देखरेख में संपन्न हुई इस प्रतियोगिता ने वहां मौजूद सभी दर्शकों और पर्यटकों का भी भरपूर ध्यान आकर्षित किया।

पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल पर्यटन स्थलों पर इस प्रकार की सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन करने के पीछे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का गहरा उद्देश्य होता है। आमाडूबी जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण पर्यटन केंद्रों को अक्सर पारंपरिक कला रूपों और लोक संस्कृति के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है जहां आगंतुकों को क्षेत्र की असली खूबसूरती का अनुभव मिलता है। जब ऐसे स्थानों पर स्कूली बच्चों को शामिल करते हुए चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, तो इससे न केवल पर्यटन को एक नया आयाम मिलता है बल्कि नई पीढ़ी के भीतर अपने क्षेत्र के प्रति गर्व की भावना भी जागृत होती है। देश भर में विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियान, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि आम जनता को पर्यटन के आर्थिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराया जा सके। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय आजीविका के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलता है क्योंकि कला और पर्यटन का मेल हमेशा से ही पर्यटकों को आकर्षित करने में बेहद कारगर साबित होता है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।

बच्चों की कलात्मक क्षमता की सराहना और भविष्य की उम्मीदें प्रतियोगिता के समापन के पश्चात बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसे उपस्थित गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों और पर्यटकों ने बेहद सराहा और बच्चों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस प्रकार के आयोजनों से मिलने वाले प्रोत्साहन के बल पर बच्चों का मनोबल बढ़ता है और वे भविष्य में कला, संस्कृति तथा रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। स्थानीय प्रबंधन और आयोजकों का मानना है कि आने वाले समय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके। पर्यटन स्थलों पर इस तरह की गतिविधियां होने से न सिर्फ बच्चों का मानसिक विकास बेहतर ढंग से होता है बल्कि वे पर्यावरण और पर्यटन संरक्षण के प्रति भी अधिक संवेदनशील बनते हैं। आमाडूबी केंद्र में हुए इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मंच और दिशा मिल जाए, तो छोटे क्षेत्रों के बच्चे भी अपनी बेहतरीन कला के जरिए एक अलग पहचान बना सकते हैं और आने वाले दिनों में यह परंपरा और अधिक मजबूत होगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज