लखनऊ में सीएचओ का धरना
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स यानी सीएचओ लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के क्रम में सरकारी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य उनकी समस्याओं का समाधान ढूंढना था। हालांकि, यह बैठक कोई भी सकारात्मक परिणाम देने में पूरी तरह विफल रही है। वार्ता के दौरान सरकारी पक्ष और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन को समाप्त करने से इनकार कर दिया है। वर्तमान में बड़ी संख्या में सीएचओ लखनऊ स्थित धरना स्थल पर डटे हुए हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे अपना अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर भी असर डाल रही है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग नजर आ रहे हैं।
सरकारी वार्ता की विफलता का ब्यौरा
वार्ता के दौरान सीएचओ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को सरकारी अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा। इस बैठक में मौजूद पीएस मैडम ने स्पष्ट रूप से सीएचओ की सभी मांगों को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने स्पष्ट रुख में यह साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की अपनी नीतियों और नियमों के अनुसार ही कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्य राज्यों में लागू की गई व्यवस्थाओं का उत्तर प्रदेश के नियमों से कोई लेना-देना नहीं है। इस कड़े रुख के कारण कर्मचारी प्रतिनिधियों और सरकार के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका। सरकारी अधिकारी ने साफ कहा कि राज्य अपनी कार्यप्रणाली में किसी बाहरी मॉडल का अनुसरण नहीं करेगा, जिसके बाद चर्चा पूरी तरह से बेनतीजा समाप्त हो गई। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारियों में काफी निराशा है और उन्होंने बिना किसी ठोस आश्वासन के आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
आंदोलन की आगे की रणनीति
सरकार के साथ हुई विफल बातचीत के बाद सीएचओ संगठनों की ओर से तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन धरने को निरंतर जारी रखने की घोषणा की गई है। प्रतिनिधियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समाधान तक किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेंगे। इस अनिश्चितकालीन आंदोलन के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है, क्योंकि सीएचओ स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक वे धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। फिलहाल राजधानी में यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और शासन की तरफ से कोई नया समाधान या वार्ता का संकेत अभी तक नहीं मिला है। सीएचओ प्रतिनिधियों का एक बड़ा समूह अपनी मांगों के पूर्ण समाधान के लिए अब सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहा है।