सराय शेख हबीब गांव में मिला नवजात
उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के अंतर्गत आने वाले ग्राम सराय शेख हबीब में एक बेहद चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है। इस छोटे से ग्रामीण क्षेत्र में एक नवजात बालक पूरी तरह से लावारिस हालत में पड़ा हुआ मिला। इस अप्रत्याशित घटना के सामने आने के बाद से ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है और लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि आखिर किस परिस्थिति में इस मासूम बच्चे को इस प्रकार अकेला छोड़ दिया गया था। सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत अपनी शुरुआती कानूनी कार्रवाई शुरू की ताकि बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इस अमानवीय कृत्य ने पूरे इलाके के संवेदनशील नागरिकों को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर कोई इस घटना की कड़ी निंदा कर रहा है।
अस्पताल में भर्ती और अधिकारियों के प्रयास
स्थानीय पुलिस की त्वरित कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद इस लावारिस नवजात बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के दिशा-निर्देशों के आधार पर बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल के एसएनसीयू यानी विशेष नवजात शिशु देखभाल वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। वर्तमान समय में जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल कुमार चौबे के प्रत्यक्ष निर्देशन तथा विशेष दत्तक ग्रहण इकाई के विशेष संरक्षण में इस बच्चे की देखभाल की जा रही है। इन तमाम प्रशासनिक प्रयासों और चिकित्सा देखभाल के परिणामस्वरूप अब यह मासूम बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित और स्थिर हालत में बताया जा रहा है। अस्पताल के डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी बच्चे के स्वास्थ्य पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि उसकी सेहत में किसी प्रकार की कोई गिरावट न आ सके। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा इस नवजात शिशु की असली माता के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने के लिए लगातार और गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
जिला प्रशासन की तत्परता और आगे की जांच
प्रशासन की मुस्तैदी और समय पर उठाए गए सख्त कदमों के कारण ही इस मासूम की जान बचाई जा सकना संभव हो पाया है। घटना के सार्वजनिक होने के बाद से ही स्थानीय नागरिकों में इस विषय को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और हर कोई इसके कारणों को जानने का प्रयास कर रहा है। जिला स्तर के अधिकारी इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और बच्चे के कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेष दत्तक ग्रहण इकाई और प्रोबेशन विभाग के अधिकारी मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बच्चे को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें बच्चे के परिजनों तथा उसकी माता का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर अपनी गहन जांच-पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा इस लावारिस मामले में कुछ और अहम खुलासे किए जाने की संभावना जताई जा रही है जिससे स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।