लखनऊ में मैदानों की स्थिति
लखनऊ में भारी जलभराव के कारण प्रमुख क्रिकेट मैदान पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुके हैं। शहर के कई खेल परिसरों में पानी भर जाने के कारण खेल गतिविधियां पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। मैदानों पर पानी जमा होने के कारण पिचें खेलने लायक नहीं बची हैं। आयोजकों को मजबूरन अपने तयशुदा क्रिकेट मुकाबलों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए भी कोई सूखा स्थान नहीं मिल पा रहा है। मैदानों की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पानी भरने से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों ने इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। पानी की अधिकता के कारण मैदान की घास और मिट्टी भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। मैदानों के अंदर बड़े पैमाने पर कीचड़ जमा हो गया है जिससे किसी भी तरह का खेल आयोजन कराना फिलहाल असंभव साबित हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खेल प्रशासक लगातार नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
मुकाबलों को अन्यत्र शिफ्ट करना
लखनऊ के इन जलमग्न खेल मैदानों पर होने वाले सभी निर्धारित क्रिकेट मुकाबलों को अब सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है। टूर्नामेंट समितियों ने आपातकालीन बैठक कर मैचों को दूसरे मैदानों पर कराने का फैसला लिया है। जिन मैदानों पर पानी भरा है वहां पानी निकालने के लिए फिलहाल कोई कारगर इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। आयोजकों का कहना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस और मैच की सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए समय रहते मुकाबलों को वैकल्पिक परिसरों में भेजने का कठिन निर्णय लिया गया है। इस बदलाव की सूचना सभी संबंधित टीमों और खिलाड़ियों को तुरंत दे दी गई है ताकि किसी को परेशानी न हो। कई टीमों को अपने अभ्यास सत्र का समय और स्थान भी पूरी तरह से बदलना पड़ा है। मैच अधिकारियों ने नए स्थानों पर सभी आवश्यक खेल सुविधाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है ताकि मुकाबले समय पर संपन्न हो सकें। इस अचानक हुए बदलाव से खेल आयोजकों के प्रबंधन पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। हालांकि खिलाड़ी और टीमें नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का पूरा प्रयास कर रही हैं। आयोजक समिति स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि आगे के मैचों में कोई बाधा उत्पन्न न हो सके।
खेल व्यवस्था और पृष्ठभूमि
लखनऊ में इस तरह की स्थिति हर साल बारिश या जलभराव के मौसम में खेल गतिविधियों को भारी नुकसान पहुंचाती है। खेल के जानकारों का मानना है कि मैदानों के निर्माण के दौरान जल निकासी के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है। बुनियादी ढांचे की कमी के कारण स्थानीय स्तर के खिलाड़ियों को हर बार इस प्रकार की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस घटना से यह बात फिर से साबित होती है कि हमारे खेल मैदानों के रखरखाव की व्यवस्था कितनी कमजोर है। यदि समय रहते नालियों की सफाई और पिच की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए तो ऐसी नौबत कभी नहीं आएगी। आने वाले दिनों में स्थानीय खेल प्रशासन को इन मैदानों की सूरत बदलने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। सामान्य पाठकों और खेल प्रेमियों के लिए यह जानना जरूरी है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में स्थानीय खेल संस्कृति कितनी प्रभावित होती है। जब तक मैदानों में पानी निकासी के स्थायी पंप और आधुनिक तंत्र नहीं लगेंगे तब तक ऐसी मुसीबतें बनी रहेंगी। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस ताजा घटना से सबक लेकर भविष्य के लिए सख्त और स्थायी उपाय अवश्य करेगा।