कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय समेत दो लोगों की मौत, 2 घायल      अमित शाह के ‘चिट्टा रावण’ दहन ने 2016 की यादें की ताजा, जब रवनीत बिट्टू की लीडरशिप में कांग्रेस ने BJP-SAD सरकार के खिलाफ बनाया था माहौल      30 साल तक..., SIR पर हंगामे के बीच अमित शाह की भविष्यवाणी, राहुल के विदेश दौरे पर भी तंज      नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिया विशेष निमंत्रण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

मत्स्य पालन क्षेत्र का कायाकल्प: तिरुवल्लूर और नागपट्टिनम में 400 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक फिशिंग हार्बर का शिलान्यास

तमिलनाडु के तटीय मछुआरों की सुरक्षा और नीली क्रांति (Blue Revolution) को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने दो नए आधुनिक मत्स्य बंदरगाहों के निर्माण को स्वीकृति दी है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 18:39
मत्स्य पालन क्षेत्र का कायाकल्प: तिरुवल्लूर और नागपट्टिनम में 400 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक फिशिंग हार्बर का शिलान्यास
तमिलनाडु के लाखों तटीय मछुआरा परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करने और समुद्री खाद्य पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और राज्य मत्स्य विकास कोष के संयुक्त तत्वावधान में तिरुवल्लूर जिले के पझावेरकाडू (पुलिकट) और नागपट्टिनम जिले के थारंगमबाडी में 400 करोड़ रुपये की कुल लागत से दो नए आधुनिक 'फिशिंग हार्बर' (Fishing Harbors) के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन नए बंदरगाहों के बन जाने से तूफानी मौसम में 2,000 से अधिक यंत्रीकृत और फाइबर बोटों को सुरक्षित एंकरेज (शरण) मिल सकेगी।

कोल्ड स्टोरेज, नीलामी हॉल और आधुनिक बोट रिपेयर यार्ड

प्रस्तावित फिशिंग हार्बर परिसरों में केवल नावों के खड़े होने की जगह ही नहीं होगी, बल्कि वहां अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार 100 मीट्रिक टन की क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज, हाइजीनिक मछली नीलामी हॉल, डीजल बंकर और बोट रिपेयर यार्ड भी बनाए जाएंगे। इससे मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछलियां खराब नहीं होंगी और उन्हें बाजार में अपनी उपज का बेहतर और उचित मूल्य मिल सकेगा। इसके अलावा, बंदरगाह परिसर में समुद्री जल के परिशोधन के लिए आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।

नीली क्रांति और समुद्री खाद्य निर्यात में वृद्धि

तमिलनाडु के मत्स्य पालन मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार तटीय बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इन नए बंदरगाहों के दो साल में पूरा होने से स्थानीय तटीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रसंस्करण व पैकेजिंग उद्योगों में 10,000 से अधिक नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य से होने वाले प्रॉन (झींगा) और टूना मछली के अंतरराष्ट्रीय निर्यात में इस ढांचागत सुधार से भारी वृद्धि होने की संभावना है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज