Lucknow Desk : बीरीसिंहपुर स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) की सुविधा शुरू नहीं होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने नाराजगी जताई है। अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल की ओर से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को भेजे गए एक पत्र में कहा गया है कि अस्पताल में सिजेरियन प्रसव की समुचित व्यवस्था शुरू कराने के लिए कई बार मौखिक और लिखित निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद व्यवस्था अब तक संचालित नहीं की गई। पत्र में पूर्व में जारी निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। साथ ही यह उल्लेख किया गया है कि निर्देशों के अनुपालन की प्रगति रिपोर्ट और स्पष्टीकरण भी संबंधित स्तर से उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अस्पताल की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और आदेशों के अनुपालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्र के अनुसार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुलतानपुर की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहपुर में सिजेरियन प्रसव की समुचित व्यवस्था संचालित करने के संबंध में 14 जनवरी 2026 को पत्र जारी किया गया था। इसके बाद भी सिजेरियन प्रसव की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। अपर निदेशक के पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यवस्था के अभाव के कारण प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर अस्पताल में व्यवधान उत्पन्न हुआ। पत्र में इस स्थिति को शासकीय कार्यों के प्रति गंभीरता के अभाव के रूप में देखा गया है और संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत सामने आती है।
सी-सेक्शन सुविधा का सीधा संबंध प्रसव के दौरान जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने से है। ऐसे में सवाल यह है कि जब सेवा शुरू कराने के लिए उच्च स्तर से निर्देश जारी किए जा चुके थे, तो उनके अनुपालन में देरी क्यों हुई और इसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की गई। मामले में अब यह भी जरूरी माना जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों से स्थिति की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट ली जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि सिजेरियन सेवा शुरू करने में क्या प्रशासनिक, चिकित्सकीय या संसाधन संबंधी बाधाएं सामने आईं। अपर निदेशक का पत्र फिलहाल किसी व्यक्ति विशेष पर दोष सिद्ध नहीं करता, बल्कि इसमें प्रशासनिक स्तर पर निर्देशों के अनुपालन और जवाबदेही को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। ऐसे में पूरे मामले की तथ्यात्मक समीक्षा से यह स्पष्ट हो सकेगा कि सेवा शुरू करने में देरी के कारण क्या रहे और इसका मरीजों पर क्या प्रभाव पड़ा।