पीईटी परीक्षार्थियों के लिए विशेष बस सेवा
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2026 में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। इस परीक्षा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ और आवागमन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए रोडवेज ने अपनी विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली है। गोरखपुर से गाजीपुर और बलिया रूट पर यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों के लिए कुल 160 अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। यह व्यवस्था उन हजारों परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्हें परीक्षा के दिनों में अपने केंद्रों तक समय पर पहुंचना अनिवार्य है। परीक्षा की तारीखें नजदीक आते ही रोडवेज प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है ताकि किसी भी विद्यार्थी को सफर में परेशानी का सामना न करना पड़े। बस सेवाओं की यह विशेष व्यवस्था परीक्षा के दौरान सुगम यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है ताकि सभी अभ्यर्थी निर्धारित समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंच सकें और परीक्षा में शामिल हो सकें।
रूट के अनुसार अतिरिक्त बसों का आवंटन
रोडवेज की ओर से तैयार की गई विस्तृत योजना के अनुसार, गाजीपुर और बलिया मार्ग पर बसों की संख्या को उनकी मांग के आधार पर विभाजित किया गया है। विभाग गाजीपुर रूट के लिए 100 अतिरिक्त बसें चलाएगा, जबकि बलिया जाने वाले परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 60 बसों का संचालन किया जाएगा। इस तरह कुल 160 अतिरिक्त बसों के माध्यम से अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करने की पूरी तैयारी है। गोरखपुर से परीक्षा देने जाने वाले छात्रों की भारी संख्या को देखते हुए बसों का यह आवंटन किया गया है। रोडवेज का मुख्य उद्देश्य यह है कि परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप बसों की उपलब्धता बनी रहे ताकि उन्हें आने-जाने के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा बसों के संचालन का समय भी इस तरह से तय किया जा रहा है कि परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकें और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस अपने घरों की ओर लौट सकें। इन बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होने की पूरी संभावना है।
परीक्षा का विवरण और छात्रों की संख्या
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2026 का आयोजन 25 और 30 अक्तूबर के साथ ही एक नवंबर को निर्धारित किया गया है। परीक्षा की प्रक्रिया दो पालियों में संपन्न होगी, जिसके कारण परीक्षार्थियों की आवाजाही पूरे दिन बनी रहेगी। एक अनुमान के मुताबिक, गोरखपुर में लगभग 1.49 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इसके अतिरिक्त, करीब 90 हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं जो गोरखपुर से अन्य जिलों में अपनी परीक्षा देने के लिए यात्रा करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन के कारण बसों की मांग में भारी उछाल आने की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी। रोडवेज ने इसी परिस्थिति का आकलन करते हुए अपनी बसों की संख्या में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा परीक्षार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अलग-अलग समय पर होने वाली इन पालियों के दौरान छात्रों को सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना रोडवेज की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे कि प्रत्येक अभ्यर्थी समय रहते अपने संबंधित केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज करा सके।