आयुष्मान कार्ड निर्माण की वर्तमान स्थिति
पीलीभीत में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयुष्मान भारत योजना की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने योजना के तहत अब तक की गई प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कुल 844035 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकासखंड के आंकड़ों की अलग-अलग समीक्षा की और कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। शून्य गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाले परिवारों के लिए अब तक 99.5 प्रतिशत कार्ड बनाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना प्राथमिकता है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना की गति को तेज करना और पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में पूरी तरह लाना रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों और श्रमिकों के कार्डों का विवरण
योजना के विभिन्न वर्गों में काम की गति को जिलाधिकारी ने बारीकी से परखा। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाने की प्रगति पर जानकारी ली। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 47958 वरिष्ठ नागरिकों की पहचान की गई थी। इनमें से अब तक 25711 वरिष्ठ नागरिकों के गोल्डन कार्ड सफलतापूर्वक बना लिए गए हैं। निर्माण श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की भी समीक्षा की गई। निर्माण श्रमिकों के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 124949 कार्ड स्वीकृत किए गए हैं। इन श्रमिकों के गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति वर्तमान में 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिलाधिकारी ने इन आंकड़ों पर असंतोष जताते हुए काम की गति बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष जो कार्य शेष है, उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्ड बनाने की प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही न बरती जाए और पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ जल्द मिले।
योजना के लक्ष्य और भविष्य की प्राथमिकताएं
आयुष्मान भारत योजना का मूल उद्देश्य पात्र नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। पीलीभीत जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे। बैठक में मौजूद अधिकारियों को जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना अनिवार्य है। विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को एक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शून्य गरीबी रेखा के तहत बेहतरीन प्रदर्शन को आगे भी जारी रखने के लिए कहा गया है। प्रशासन की मंशा है कि आयुष्मान कार्ड की मदद से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बेहतर उपचार मिल सके। बैठक में शामिल जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगति की निगरानी स्वयं करें और कार्ड बनवाने में आने वाली बाधाओं को दूर करें। आने वाले समय में इन कार्डों के वितरण और उपयोग पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।