थोक बाजार में खाद्य वस्तुओं के बदले भाव
प्रयागराज के थोक बाजारों में इन दिनों त्योहारी मांग और आपूर्ति के बीच खाद्य सामग्रियों की कीमतों में निरंतर उतार-चढ़ाव जारी है। थोक विक्रेताओं के आंकड़ों के अनुसार, चीनी के दाम पहले के मुकाबले काफी कम हो गए हैं। पहले 50 किलोग्राम चीनी की बोरी का भाव 3000 रुपये था, जो अब घटकर 2600 रुपये तक आ गया है। इसके विपरीत, दालों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। अरहर दाल के भाव 11,500 रुपये से बढ़कर 13,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इसी तरह, चना दाल की कीमत में भी वृद्धि हुई है, जो अब 8000 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 9000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। आटा और मैदा की कीमतों में मामूली कमी हुई है। 50 किलोग्राम की आटे की बोरी का दाम 1570 रुपये से गिरकर 1500 रुपये और मैदा की बोरी का भाव 1600 रुपये से कम होकर 1550 रुपये पर आ गया है।
फुटकर बाजार और व्यापारियों का रुख
बाजार के मौजूदा रुझानों पर चर्चा करते हुए स्थानीय व्यापारी प्रमिल केसरवानी ने बताया कि थोक बाजार में हो रहे इन बड़े बदलावों का फुटकर बाजारों में असर अभी बहुत ही कम नजर आ रहा है। फुटकर दुकानों पर रेट में लगातार उतार-चढ़ाव रहने के कारण आम ग्राहकों को इसका सीधा लाभ या नुकसान तुरंत नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में फुटकर बाजारों में विभिन्न खाद्य उत्पादों की कीमतें काफी अधिक बनी हुई हैं। आटा 38 रुपये प्रति किलोग्राम, चीनी 58 रुपये, सूजी 44 रुपये और मैदा 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। दालों की बात करें तो अरहर दाल 140 रुपये और चना दाल 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है। इसके अलावा, चना 85 रुपये प्रति किलोग्राम और पाम ऑयल 750 एमएल की मात्रा के लिए 120 रुपये में बेचा जा रहा है।
त्योहारी मांग और आम लोगों पर असर
त्योहारी सीजन में खाद्य सामग्रियों के दाम घटने या बढ़ने से आम लोगों की रसोई के बजट पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। कारोबारियों का मानना है कि विशेष रूप से दालों की कीमतों में हुई तेजी से ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। अरहर और चना दाल जैसे दैनिक उपयोग के सामान का महंगा होना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, चीनी, आटा और मैदा जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में आई गिरावट ने आम जनता को आंशिक राहत प्रदान की है। बाजार में चल रही इन कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच मांग का दबाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में त्योहारी सीजन की व्यस्तता के कारण बाजार की स्थितियों में और बदलाव की संभावना बनी हुई है। फिलहाल उपभोक्ता दालों की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं, जबकि चीनी और आटे की घटी हुई कीमतों से कुछ राहत महसूस कर रहे हैं।