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रास्ता बंद: गोरखपुर के पाली में नहर पटरी पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप

गोरखपुर जिले के पाली विकासखंड में एक विशाल महुआ का पेड़ नहर की पटरी पर गिर गया है। इस कारण पिछले एक हफ्ते से मुख्य मार्ग का यह हिस्सा पूरी तरह बंद है और दर्जनों गांवों के लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं।

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Ankit Yadav
06 अक्ट 2026, 18:43
रास्ता बंद: गोरखपुर के पाली में नहर पटरी पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप

घघसरा नहर पटरी पर गिरा पेड़

गोरखपुर के पाली विकासखंड इलाके में पिछले सप्ताह तेज आंधी और पानी के कारण एक बड़ी घटना सामने आई। यहां घघसरा नहर पटरी रोड पर एक भारी-भरकम महुआ का पेड़ अचानक उखड़कर जमीन पर आ गिरा। इस घटना को बीते हुए पूरा एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन अब तक इस गिरे हुए पेड़ को रास्ते से हटाया नहीं जा सका है। पेड़ के रास्ते के बीचों-बीच पड़े होने के कारण जोगिया नहर पुलिया के पास का पूरा यातायात और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह रास्ता मुरकटिया बाग क्षेत्र से होकर गुजरता है और आगे चलकर दोहरिया कला तथा सहजनवां को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग से मिलता है। मुख्य मार्ग का यह अहम संपर्क कट जाने से आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

खतरनाक सफर और माल ढुलाई ठप

रास्ता बंद होने की वजह से इस इलाके में दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें बहुत अधिक बढ़ गई हैं। मजबूर होकर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह इस टूटे-फूटे और बाधित मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि कार, ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाहनों का इस रास्ते से निकलना पूरी तरह से असंभव हो गया है और वे पूरी तरह से बंद पड़े हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय किसानों को अपनी फसलों को खेतों से उठाकर मंडी या अन्य स्थानों तक लाने और ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस रास्ते को जल्द से जल्द पूरी तरह से साफ कराया जाए ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।

जमीनी विवाद और विभागीय बयान

इस रास्ते के बंद रहने के पीछे एक स्थानीय भूमि विवाद भी मुख्य कारण के रूप में सामने आया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह महुआ का पेड़ जोगिया गांव के ही एक विशेष व्यक्ति की निजी भूमि का हिस्सा है। इसी आपसी और जमीनी विवाद के चलते इस पेड़ को समय पर हटाने की प्रक्रिया में अनावश्यक रूप से भारी देरी हो गई है। हालांकि अब इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों का बयान भी सामने आ चुका है। वन दरोगा आशुतोष त्रिपाठी ने मीडिया और जनता को जानकारी देते हुए बताया है कि इस बाधा को बहुत जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि शीघ्र ही पेड़ को रास्ते से हटवाकर आम जनता के लिए आवागमन को पूरी तरह से सुगम और खाली करा दिया जाएगा।

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