अस्थायी ठिकाने से नए भवन में शिफ्ट हुआ साइबर थाना
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में डिजिटल ठगी और ऑनलाइन अपराधों पर लगाम कसने के उद्देश्य से एक आधुनिक साइबर थाने के नए भवन में कामकाज औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इससे पहले यह विशेष पुलिस इकाई पुलिस लाइन के नजदीक एक छोटे और अस्थायी भवन से चलाई जा रही थी। पूर्व के उस अस्थाई ठिकाने पर जगह और जरूरी संसाधनों की भारी कमी थी जिसके कारण पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच और विवेचना करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस नई इमारत के मिलने से अब यहां तैनात अमले को अपने दैनिक कार्यों को संपादित करने के लिए पर्याप्त और सुव्यवस्थित जगह मिल गई है। इस आधुनिक परिसर के चालू होने से डिजिटल अपराध के शिकार होकर न्याय की उम्मीद में आने वाले पीड़ित नागरिकों की फरियाद को सुनने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने की प्रक्रिया में बड़ी सहूलियत पैदा हो गई है।
उद्घाटन और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
इस नए और आधुनिक दो मंजिला पुलिस थाने के भवन का लोकार्पण गत 14 जून 2026 को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया था। हाल ही में एडीजी राम कुमार ने इस नवनिर्मित परिसर का औचक निरीक्षण किया और वहां मौजूद सभी कार्यसाधक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान थाने के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखने के लिए कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन प्रमुख अधिकारियों में डीआइजी रेंज डा। चन्नप्पा और एसएसपी डा। कौस्तुभ के अलावा एसपी उत्तरी राजेश घुनावत और एसपी सिटी निमिष पाटील भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद सिंह, एएसपी तथा सीओ कैंट अरुण कुमार एस., सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और प्रतिसार निरीक्षक अभिचल पांडेय ने भी इस निरीक्षण कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन तमाम उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में थाने के नए कामकाज और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई ताकि पीड़ितों को तुरंत सहायता मिल सके।
आधुनिक सुविधाएं और बल की तैनाती का पूरा ब्यौरा
इस दो मंजिला नए भवन में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा कार्यालय में बिजली की निर्बाध और लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक जनरेटर की स्थापना की गई है ताकि काम में कोई बाधा न आए। परिसर के भीतर स्थानीय नेटवर्क की बेहतरीन कनेक्टिविटी और रात के समय सुरक्षा के वास्ते सड़क प्रकाश की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस थाने के अंतर्गत मुख्य रूप से ऑनलाइन ठगी, विभिन्न बैंक खातों से होने वाली धोखाधड़ी और अन्य तमाम डिजिटल अपराधों से संबंधित शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस इकाई के सुचारू संचालन के लिए कुल 25 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है जिनमें चार निरीक्षक, सात उपनिरीक्षक और चौदह आरक्षी शामिल हैं। इन सभी कर्मियों में महिला पुलिसकर्मी भी अपनी सेवाएं दे रही हैं जो डिजिटल साक्ष्यों की जांच और विवेचना के काम को व्यवस्थित ढंग से पूरा कर रही हैं।