सड़क हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई का बड़ा कदम
लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक बड़ी योजना को अंतिम रूप दे दिया है। हाल ही में कराए गए एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान इस मार्ग पर कई ऐसे स्थानों की पहचान की गई थी जहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। इन खतरनाक स्थानों पर स्थायी सुधार लाने के लिए अब निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस पूरी विकास परियोजना पर कुल चार सौ पचास करोड़ रुपये की भारी राशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य के लिए सभी आवश्यक टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले महीने से इन सभी चयनित स्थानों पर निर्माण का काम आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगा। इस कार्य के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर सफर करने वाले सभी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम तथा सुरक्षित हो जाएगी।
फ्लाईओवर और सात अंडरपास के निर्माण की पूरी योजना
इस विशेष परियोजना के तहत लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर कुल सात नए अंडरपास और एक बड़ा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। राजमार्ग के किलोमीटर संख्या 19.140 पर सफेदाबाद में एक नया फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 75.93 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे ऐसे स्थान पर बनाया जा रहा है जहां भारी यातायात के दबाव के कारण हमेशा दुर्घटनाओं का गंभीर खतरा बना रहता है। इसके अलावा इस पूरे मार्ग पर कुल सात अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में कोई परेशानी न हो। इन सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी रखने के लिए क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने संबंधित सभी परियोजना अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सारा काम तय मानकों के मुताबिक ही पूरा किया जाए। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान हाईवे पर किसी भी प्रकार से यातायात की व्यवस्था बाधित न हो, इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
गलत दिशा में वाहन चलाने की मजबूरी और हादसों पर लगाम
लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग के कई हिस्सों में लोक निर्माण विभाग के अन्य जिला मार्ग और मुख्य जिला मार्ग सीधे तौर पर हाईवे से जुड़े हुए हैं। इस तरह की सड़क संरचना के कारण स्थानीय नागरिकों को अपनी यात्रा की दूरी कम करने के लिए कई बार मजबूरी में हाईवे पर गलत दिशा में वाहन चलाना पड़ता है। गलत दिशा में वाहन चलाने के इस खतरनाक चलन के कारण आमने-सामने की टक्कर और अन्य प्रकार के गंभीर सड़क हादसों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का मानना है कि इन सभी प्रमुख स्थानों पर नए अंडरपास और फ्लाईओवर के बन जाने के बाद यातायात का आवागमन बेहद बेहतर हो जाएगा। इससे ड्राइवरों को गलत दिशा में गाड़ी चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और हादसों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। प्राधिकरण को पूरी उम्मीद है कि इन सभी विकासात्मक कार्यों के पूरा होने के बाद इस व्यस्त राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा के मानकों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।