आनंद विद्या मंदिर में बैठक का आयोजन
आगामी संगीत कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक शहर के प्रतिष्ठित आनंद विद्या मंदिर परिसर के भीतर ही संपन्न हुई। इस बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई ताकि आयोजन पूरी तरह सफल हो सके। बैठक के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर कार्यक्रम की तारीख और समय को लेकर अंतिम मुहर लगाई। स्थानीय स्तर पर हो रहे इस कलात्मक आयोजन को लेकर संगीत प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। बैठक में शामिल हुए लोगों ने आयोजन को भव्य रूप देने के लिए अपनी जिम्मेदारियां भी आपस में बांट ली हैं। इस पूरी बैठक की अध्यक्षता कला मंच के संरक्षक और जाने-माने संगीतज्ञ रमेश कोठारी ने बहुत ही कुशलता के साथ की। उनके मार्गदर्शन में सभी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आनंद मिश्रा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी आयोजकों का उत्साहवर्धन किया।
दस अक्टूबर को शाम पांच बजे होगा कार्यक्रम
कला मंच के सक्रिय सदस्य गुलाब सिंह राठौड़ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से बड़ा निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 10 अक्टूबर को शहर में एक विशेष संगीतमय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह निर्धारित कार्यक्रम आनंद विद्या मंदिर के विशाल परिसर के अंदर शाम के ठीक 5 बजे से अपनी शुरुआत करेगा। कार्यक्रम के तहत सिरोही के स्थानीय गायक कलाकार मंच पर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। ये सभी स्थानीय कलाकार दिवंगत और महान गायक जगजीत सिंह की बेहद प्रसिद्ध गजलों और गीतों की खूबसूरत प्रस्तुतियां देंगे। इन गीतों और गजलों के माध्यम से वे उन्हें अपनी सच्ची स्वरांजलि अर्पित करेंगे और उन्हें याद करेंगे। आयोजकों ने बताया कि इस शाम को संगीत प्रेमियों के लिए बेहद यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। कलाकारों ने भी अपनी कला का अभ्यास अभी से शुरू कर दिया है ताकि प्रस्तुति में कोई कमी न रहे। शहर के तमाम गणमान्य लोग और संगीत प्रेमी इस अनूठे आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अपनी उत्सुकता लगातार जाहिर कर रहे हैं।
स्थानीय कलाकारों द्वारा दी जाएगी स्वरांजलि
संगीत जगत के महान हस्ताक्षर जगजीत सिंह की याद में आयोजित होने वाला यह विशेष कार्यक्रम स्थानीय संस्कृति के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। सिरोही शहर की कलाप्रेमी जनता के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा जब वे अपने ही स्थानीय कलाकारों की जुबानी प्रसिद्ध गजलें सुन सकेंगे। कला मंच से जुड़े सिरोही के स्थानीय गायक कलाकार अपनी सुरीली आवाज़ में जब मंच पर गीत गाएंगे तो पूरा माहौल संगीतमय हो जाएगा। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मंच मिलता है बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहती है। आयोजकों ने शहर के सभी संगीत प्रेमियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे तय समय पर पहुंचकर इस आयोजन को सफल बनाएं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और बैठने की उचित व्यवस्था के लिए भी समिति के सदस्यों ने आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब केवल 10 अक्टूबर की शाम का इंतजार किया जा रहा है जब सुरों की सरगम से सिरोही की फिजा गूंज उठेगी।