सफाई व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश
गोरखपुर में नगर आयुक्त अजय जैन ने स्वच्छता सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब शहर के सभी सफाई कर्मचारियों को सुबह छह बजे अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और उसके तुरंत बाद उन्हें कार्यस्थल पर भेज दिया जाएगा। इन कर्मचारियों को हर स्थिति में सुबह 6:30 बजे से पहले झाड़ू लगाने और कूड़ा उठाने का काम शुरू करना अनिवार्य होगा। नगर निगम प्रशासन ने इसे लेकर सख्ती बढ़ा दी है ताकि शहर की गलियों और सड़कों पर सफाई का स्तर बना रहे। देर से काम शुरू करने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की गई है। यह निर्देश शहर भर के सभी वार्डों के लिए समान रूप से लागू किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि सुबह के समय निर्धारित कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्धता ही अब सफाई कार्य की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
निरीक्षण तंत्र और अधिकारियों की जवाबदेही
नगर आयुक्त ने केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर दी है। सभी मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों के साथ सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को प्रतिदिन सुबह छह बजे से 6:30 बजे के बीच किसी एक वार्ड का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करना होगा। इस दौरान उन्हें पूरे जोन में कर्मचारियों की उपस्थिति की पुष्टि भी करनी होगी। इसके बाद सुबह आठ बजे के आसपास वार्ड का एक और सघन निरीक्षण किया जाएगा ताकि किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जा सके। सफाई अभियान केवल दिन की शुरुआत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरी पाली में भी एक-एक वार्ड का निरीक्षण दल द्वारा जांच की जाएगी। जोनल सफाई निरीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि खाली पड़े प्लाटों, नालों और नालियों की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान गंदगी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय करते हुए उस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नियमित निगरानी और सफाई का महत्व
शहर में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए नगर निगम ने एक बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली विकसित की है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर की स्वच्छता में कोई भी चूक न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वार्डों में जाकर न केवल काम की गुणवत्ता देखें, बल्कि कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया पर भी पैनी नजर रखें। बार-बार देर से आने वाले कर्मचारियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। यह कदम शहर के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए उठाया गया है ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नियमित निरीक्षण से न केवल स्वच्छता का काम समय पर पूरा होगा, बल्कि जोनल और वार्ड स्तर पर काम करने वाले निरीक्षकों की कार्यक्षमता का भी आकलन किया जाएगा। भविष्य में भी सफाई से संबंधित शिकायतों और गंदगी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह माना जाएगा, जो शहर की सफाई के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।