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त्योहार की तैयारी: गोरखपुर में सड़कों के गड्ढे भरने और खुले नालों को ढंकने के निर्देश

गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आगामी विजयादशमी को देखते हुए बुनियादी ढांचे को सुधारने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम और जीडीए को दो दिन के भीतर सड़कों, नालियों और प्रकाश व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए कहा गया है।

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Ankit Yadav
18 अक्ट 2026, 15:45
त्योहार की तैयारी: गोरखपुर में सड़कों के गड्ढे भरने और खुले नालों को ढंकने के निर्देश

सड़कों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

गोरखपुर जिले में विजयादशमी के पावन पर्व के दौरान जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में मौजूद टूटी सड़कों के गड्ढों को तत्काल प्रभाव से भरें। इसके अलावा, जो नाले खुले पड़े हैं, उन पर सुरक्षा की दृष्टि से स्लैब लगाने का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान लोगों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्य वाली जगहों पर बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से लगानी होगी ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सड़कों के किनारे जमा गंदगी और झाड़ियों की कटाई-छंटाई का काम भी दो दिन के भीतर पूरा करने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दे दिए हैं। शहर के प्रवेश मार्गों पर सफाई और रोशनी की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल है।

संयुक्त टीमों द्वारा निगरानी और जांच

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने के लिए एक बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था तैयार की है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी नगर को निर्देश दिए हैं कि वे उपजिलाधिकारियों, मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित करें। ये टीमें महानगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जाकर जमीनी हकीकत की जांच करेंगी। इस निरीक्षण प्रक्रिया में सड़कों के रखरखाव के अलावा पथ-प्रकाश यानी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पंडालों में बिजली की सुरक्षा, पेयजल की उपलब्धता और निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति को परखा जाएगा। इसके अलावा डिवाइडरों पर लगे अवैध पोस्टर भी जांच का हिस्सा होंगे। यह संयुक्त दल दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगा। जिन सरकारी विभागों की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें नियमानुसार हस्तांतरण की प्रक्रिया भी तुरंत पूर्ण करनी होगी। प्रशासन का प्रयास है कि मूर्ति विसर्जन मार्गों पर आवागमन सुगम और सुरक्षित रहे। विसर्जन के लिए तय रास्तों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

विसर्जन शिविर और प्रशासनिक समन्वय

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए राजघाट पुल के पास स्थित अमरूद मंडी तिराहे पर विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगर आयुक्त अजय जैन को इस संबंध में अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार ने पत्र भेजकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस शिविर का संचालन नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा, जहाँ पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। वहीं, राजघाट पुलिस लाइन की ओर से वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सूचनाओं का प्रसारण प्रभावी रूप से हो सके। यह पूरी कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि उत्सव का माहौल सुखद रहे और सड़कों पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को शून्य किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी भी स्तर पर पाई गई लापरवाही के लिए जिम्मेदार विभागों पर कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि लोक सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए तय समय सीमा का पालन अनिवार्य है।

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