नोएडा में गरबा और डांडिया का भव्य आयोजन
नोएडा क्षेत्र में नवरात्र के पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह और उमंग का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक हिस्सा ले रहे हैं। त्यौहार की इस बेला में विशेष रूप से गरबा और डांडिया रातों की रौनक देखने लायक बन गई है। चारों तरफ उत्सव जैसा वातावरण है और हर आयु वर्ग के लोग इस पारंपरिक उल्लास में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ढोल-नगाड़ों और संगीत की तेज धुनों पर थिरकते हुए लोगों ने इस पर्व की पुरानी परंपरा को जीवंत कर दिया है। नोएडा की इस रात की चमक और उत्साह ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है और लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत की गूंज में डूबे लोग
समारोह स्थलों पर आकर्षक और रंग-बिरंगी रोशनी की विशेष सजावट की गई है जो पूरे वातावरण को और अधिक मनमोहक बना रही है। डीजे की धुन पर बजने वाले पारंपरिक और आधुनिक गीतों के मिश्रण ने युवाओं और बच्चों में एक अलग ही ऊर्जा भर दी है। रात के समय माहौल पूरी तरह से संगीत और उत्सव के रंगों में सराबोर नजर आता है। लोग पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे नजर आ रहे हैं और डांडिया तथा गरबा की थाप पर पूरी तन्मयता के साथ थिरक रहे हैं। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर उचित प्रबंध भी किए गए हैं ताकि सभी लोग बिना किसी बाधा के इस आनंद का हिस्सा बन सकें। देर रात तक चलने वाले इन आयोजनों में लोगों की भारी भीड़ यह साबित करती है कि पारंपरिक पर्वों के प्रति आज भी समाज में कितना गहरा लगाव और आकर्षण बना हुआ है।
नवरात्र उत्सव की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और महत्व
भारतीय संस्कृति में नवरात्र का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय और शक्ति की उपासना का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक उत्सवों का भी विशेष महत्व होता है जो समाज को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय स्तर पर आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं बल्कि हमारी प्राचीन परंपराओं को भी जीवित रखते हैं। नोएडा में इस तरह के बड़े पैमाने पर होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रम क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनसे स्थानीय बाजारों और आयोजकों को भी प्रोत्साहन मिलता है क्योंकि त्यौहार के इस सीजन में व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आती है। आने वाले दिनों में विजयादशमी तक इसी प्रकार के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जारी रहने की पूरी उम्मीद है जिससे शहर का पूरा माहौल पूरी तरह से उत्सवमय बना रहेगा।