सड़क चौड़ीकरण के लिए मकानों का विध्वंस
वाराणसी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे चौड़ीकरण अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस प्रक्रिया में दालमंडी गली और पुलिसलाइन से कचहरी तक के मार्ग पर आने वाले बाधाओं को हटाने का कार्य मुख्य रूप से किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने पिछले दो दिनों के भीतर इन दोनों ही चिन्हित स्थानों पर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। दालमंडी इलाके में 10 मकानों को धराशायी किया गया है, जबकि पुलिसलाइन-कचहरी मार्ग पर भी इतनी ही संख्या में ढांचों को गिराकर रास्ता साफ किया गया है। यह अभियान काफी तीव्र गति से चलाया गया ताकि सड़क निर्माण कार्य में आ रही अड़चनों को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। इलाके के लोग भी इस भारी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को देख रहे हैं, जिसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी के साथ पोकलैंड और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया है।
मशीनों और श्रमिकों का संयुक्त प्रयास
ध्वस्तीकरण की इस व्यापक कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने भारी-भरकम मशीनों का सहारा लिया है। मंगलवार को हुई कार्रवाई में सात बड़ी पोकलैंड मशीनों ने दिन भर काम करते हुए 10 मकानों को मलबे में तब्दील कर दिया। वहीं दालमंडी क्षेत्र में छह बड़ी मशीनों के माध्यम से 10 अन्य मकानों को तोड़ने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। कई बहुमंजिला इमारतों को मशीन के दबाव से ताश के पत्तों की तरह ढहते हुए देखा गया। मशीनों के अलावा, विभाग ने मजदूरों की एक टीम भी तैनात की थी जिन्होंने कुछ हिस्सों में हथौड़ों का उपयोग करके ढांचों को गिराने में मदद की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भारी मशीनों के उपयोग से काम को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। विभाग ने दोनों जगहों पर एक साथ काम करके अभियान की गति को बनाए रखा है और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जमीनी स्तर पर बाधाओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
मुआवजा वितरण और भविष्य की योजनाएं
इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना का विस्तार संदहा तक किया जाना है, जो लगभग 10 किलोमीटर लंबी एक प्रमुख सड़क होगी। इस संपूर्ण परियोजना के लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसके माध्यम से निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। मकान मालिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने मुआवजे के रूप में बड़ी धनराशि जारी की है। दालमंडी में प्रभावित हुए 181 मकानों के स्वामियों को अब तक 132 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, कचहरी से पुलिस लाइन तक की जद में आने वाले मकानों के मालिकों को मुआवजे के तौर पर 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जैसे ही ध्वस्तीकरण की यह प्रक्रिया पूरी हुई है, विभाग ने अब इन चिन्हित स्थानों पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने की योजना तैयार कर ली है। भविष्य में इस सड़क के बन जाने से यातायात सुगम होने की उम्मीद है और निर्माण कार्य के लिए टेंडर की औपचारिकताओं के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।