मंगलवार सुबह एयरपोर्ट के बाहर हुआ भीषण अग्निकांड
मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 50 मिनट पर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बाहर एक बड़ा हादसा सामने आया। यहां पर मजदूरों के ठहरने के लिए बनाए गए तीन मंजिला अस्थायी कैंप में अचानक भयंकर आग भड़क उठी। यह कैंप पूरी तरह से पीवीसी पैनल से तैयार किया गया था जिसके कारण आग ने बहुत ही कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूरदराज के इलाकों से भी आसमान में उठती हुई दिखाई दे रही थीं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों के साथ ही प्रशासनिक अमले में भी खलबली मच गई। सुबह-सुबह हुई इस दुर्घटना की वजह से एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी क्योंकि आग की तीव्रता बहुत अधिक थी और धुआं चारों तरफ फैल गया था। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थिति को भांप लिया गया और बड़ी अनहोनी टल गई।
पांच सौ मजदूरों की क्षमता वाले कैंप में मची भगदड़
पीवीसी पैनल से बने इस बड़े तीन मंजिला ढांचे में कुल 33 कमरे बनाए गए थे जिनमें लगभग 500 मजदूरों के रहने की पूरी व्यवस्था की गई थी। आग लगने की खबर फैलते ही कैंप के भीतर मौजूद मजदूरों और आसपास के लोगों में भारी अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास तुरंत शुरू किए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए फौरन एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मी और सरोजनी नगर थाने की पुलिस हरकत में आ गई और मौके पर पहुंच गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए कई दमकल गाड़ियों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया जिन्होंने मोर्चा संभालते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत का परिचय देते हुए आग पर चारों तरफ से पानी का छिड़काव किया और तेजी से फैल रही लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया। प्लास्टिक और पीवीसी सामग्री होने के कारण आग बहुत तेजी से बढ़ रही थी लेकिन दमकल विभाग की मुस्तैदी से बड़ा खतरा टल गया।
आग पर काबू पाने के बाद प्रशासन ने दी राहत की सांस
दमकल विभाग और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के चलते करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद इस भयंकर आग पूरी तरह से बुझा लिया गया। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने राहत की सांस ली क्योंकि इतनी बड़ी इमारत में आग लगने के बावजूद कोई हताहत नहीं हुआ। किसी भी मजदूर या अन्य व्यक्ति के घायल होने या हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है जिससे एक बड़ा संकट टल गया। हालांकि आग लगने के असली कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है और इस हादसे में कुल कितने वित्तीय नुकसान हुआ है इसका आकलन भी बाकी है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से अभी तक इस दुर्घटना के संदर्भ में कोई भी आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। प्रारंभिक जांच और आकलन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस तीन मंजिला अस्थायी ढांचे में आग लगने के पीछे असल वजह क्या थी और इससे संपत्ति का कितना नुकसान हुआ है।