यातायात परामर्श और संभावित मार्ग परिवर्तन
दिल्ली के रास्तों पर चलने वाले सभी चालकों के लिए यातायात विभाग ने नया परामर्श जारी किया है जिसके तहत इक्कीस सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। स्थिति की नजाकत को देखते हुए प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर कुछ चुनिंदा रास्तों पर गाड़ियों का मार्ग बदलने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों के बजाय अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन साधनों का चयन करें। ड्यूटी पर तैनात सभी यातायात कर्मियों के संकेतों और निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करना अनिवार्य किया गया है। सड़क के किनारे कहीं भी अपने वाहन खड़े करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने को कहा गया है। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लोगों को विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें पल-पल की ताजा जानकारी समय पर मिलती रहे।
जंतर-मंतर पर हुई गिरफ्तारी और तिरंगा मार्च
अभिजीत दीपके जो कि सीजेपी संस्था के संस्थापक हैं, उन्होंने संगठन के दो प्रमुख सहयोगियों की गिरफ्तारी के विरोध में एक विशेष तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है। जिन दो पदाधिकारियों को पकड़ा गया है उनके नाम सौरव दास और आशुतोष रांका बताए गए हैं जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। मंगलवार के दिन इन दोनों के अलावा संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी अजिंक्य शिंदे और ग्यारह अन्य लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे। इन सभी ने वहां स्थित बंद गेट को लांघकर परिसर के भीतर प्रवेश किया था जिसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया था। अगले ही दिन यानी बुधवार को पुलिस ने अजिंक्य शिंदे और बाकी ग्यारह लोगों को रिहा कर दिया था। हालांकि सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहाई नहीं मिली बल्कि अदालत ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जिसके बाद से संगठन के भीतर रोष व्याप्त है।
गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध और आगे की रणनीति
संस्था के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अपने देश का राष्ट्रीय ध्वज लहराना किसी भी सूरत में कोई अपराध नहीं माना जा सकता है। उन्होंने अपने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से यह आह्वान किया है कि वे देश के अन्य विभिन्न शहरों में भी इसी तरह के मार्च का आयोजन करें। इस पूरे घटनाक्रम के चलते राष्ट्रीय राजधानी के कई महत्वपूर्ण मार्गों जैसे संसद मार्ग और जनपथ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इन इलाकों में आवागमन करने वाले आम नागरिकों को जाम और धीमी गति से जूझना पड़ सकता है क्योंकि पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। यात्रियों से लगातार यह अनुरोध किया जा रहा है कि वे पुलिस के ताजा दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।