कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, शुक्रवार की शाम को 6 बजे आएगा फैसला      मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय समेत दो लोगों की मौत, 2 घायल      अमित शाह के ‘चिट्टा रावण’ दहन ने 2016 की यादें की ताजा, जब रवनीत बिट्टू की लीडरशिप में कांग्रेस ने BJP-SAD सरकार के खिलाफ बनाया था माहौल      30 साल तक..., SIR पर हंगामे के बीच अमित शाह की भविष्यवाणी, राहुल के विदेश दौरे पर भी तंज      नेतन्याहू ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिया विशेष निमंत्रण     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
लोकल

UP : यूपी पुलिस की ‘वर्दी’ में दिखी शहादत की कहानी, अपनों को खोने का दर्द देख नम होंगी आंखें

A
Administrator
21 अक्ट 2026, 20:27
यूपी पुलिस की ‘वर्दी’ में दिखी शहादत की कहानी, अपनों को खोने का दर्द देख नम होंगी आंखें

Lucknow Desk : पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने शहीद जवानों के साहस और उनके परिवारों के संघर्ष को सामने लाने के लिए खास पहल की है। इसी कड़ी में पुलिस ने ‘वर्दी’ नाम से एक लघु फिल्म जारी की है। फिल्म में देश की सुरक्षा के लिए जान कुर्बान करने वाले पुलिसकर्मियों के बलिदान के साथ उनके परिवारों की भावनाओं और अपनों को खोने के दर्द को भी दिखाया गया है। फिल्म का निर्देशन बॉलीवुड के प्रख्यात निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने किया है। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में तैयार इस फिल्म का मुख्य उद्देश्य शहीद जवानों की बहादुरी और कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा को लोगों तक पहुंचाना है। फिल्म यह भी बताती है कि वर्दी पहनकर देश की सेवा करने वाले जवान के शहीद होने के बाद उसके परिवार को किन भावनात्मक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। शहीद के परिवार का दर्द और देशसेवा का जज्बा ‘वर्दी’ में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि किसी जवान की शहादत पर परिवार को गर्व होता है, लेकिन उसके बिना जिंदगी बिताना आसान नहीं होता। घर के सदस्य की कमी, उसकी यादें और लौटकर आने का इंतजार परिवार के जीवन का हिस्सा बन जाते हैं।

फिल्म इसी अनकहे दर्द को संवेदनशील तरीके से सामने लाती है। फिल्म में उत्तर प्रदेश एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के साहस और बलिदान को प्रमुखता से दिखाया गया है। उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अक्टूबर को उनकी पत्नी मुनेश देवी को नकद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया था। तिग्मांशु धूलिया ने किया फिल्म का निर्देशन फिल्म का निर्देशन तिग्मांशु धूलिया ने किया है, जो ‘पान सिंह तोमर’, ‘हासिल’, ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ और ‘बुलेट राजा’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ को 60वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान मिला था। ‘वर्दी’ में अभिनेता अमित साध, वरिष्ठ अभिनेत्री अलका अमीन और नाज़िश ख़ान ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म की स्क्रिप्ट और वॉयस ओवर यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात आरक्षी कपिल दिनकर ने तैयार किया है।

इसका क्रिएटिव डायरेक्शन पुलिस महानिदेशक के जनसंपर्क अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक राहुल श्रीवास्तव ने किया है। फिल्म का निर्माण उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से किया गया है और इसकी शूटिंग मुंबई में हुई है। मुठभेड़ में घायल होने के बाद भी डटे रहे थे सुनील कुमार निरीक्षक सुनील कुमार 20 और 21 जनवरी 2025 की मध्यरात्रि शामली में मुकीम काला गैंग के बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गोली लगने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एसटीएफ टीम का नेतृत्व करते रहे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश अरशद समेत चार बदमाश मारे गए थे। मुठभेड़ में लगी गोलियों के कारण सुनील कुमार ने 22 जनवरी 2025 को दम तोड़ दिया। उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को याद करते हुए बनाई गई यह फिल्म पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के साथ आम लोगों को भी उनके बलिदान से परिचित कराती है। पुलिस स्मृति दिवस पर ‘वर्दी’ की रिलीज के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वर्दी केवल एक पहचान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, साहस और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है। शहीद जवानों की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज