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मौसम का हाल: राजस्थान में 5 सितंबर तक बारिश की स्थिति, जयपुर में सामान्य से कम तो तीन जिलों में हुई अधिक बरसात
राजस्थान में मानसून के मौजूदा दौर के बीच मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक बारिश के आंकड़ों की विस्तृत स्थिति साझा की है। राज्य की राजधानी जयपुर में इस सीजन में अब तक औसत से कम पानी बरसा है, जबकि कुछ खास इलाकों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है।
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Ankit Yadav
06 सित 2026, 15:05
राजस्थान के विभिन्न संभागों में इस बार मानसून का मिजाज काफी अलग और अनिश्चित नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मानसून की गतिविधियों के कारण हर क्षेत्र में बारिश का वितरण एकसमान नहीं रहा है। कहीं बादलों ने जमकर राहत पहुंचाई है तो कहीं लोगों को अब भी झमाझम बौछारों का बेसब्री से इंतजार है। कृषि और जल संसाधन प्रबंधन की दृष्टि से इन आंकड़ों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मानसून की स्थिति सीधे तौर पर खरीफ फसलों की पैदावार और जल भंडारों के जलस्तर को प्रभावित करती है।
जयपुर में सामान्य से कम बारिश
राजस्थान की राजधानी जयपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस बार बादलों की मेहरबानी थोड़ी कम ही देखने को मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जयपुर में 5 सितंबर तक दर्ज की गई बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे चल रहा है। शहर के निवासियों को गर्मी और उमस से पूरी तरह निजात पाने के लिए अभी भी तेज मानसूनी बारिश की आस है। हालांकि बीच-बीच में हल्की फुहारें या छिटपुट बौछारें जरूर गिरी हैं, लेकिन वे उस पैमाने पर खरी नहीं उतरीं जिसकी इस मौसम में आमतौर पर उम्मीद की जाती है। स्थानीय मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि नया सिस्टम सक्रिय होता है, तो जयपुर में बारिश के कोटे की कमी पूरी हो सकती है।
दूसरी तरफ, राज्य के अन्य हिस्सों की तस्वीर काफी अलग है। प्रदेश के तीन ऐसे जिले हैं जहां मानसून पूरी तरह मेहरबान रहा है और वहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में लगातार हुई मूसलाधार बारिश या अच्छी मानसूनी गतिविधियों के चलते जल स्रोतों में पानी की आवक अच्छी खासी देखने को मिली है। किसानों के चेहरों पर भी इन चुनिंदा क्षेत्रों में रौनक लौट आई है क्योंकि उनकी फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में अत्यधिक पानी भरने की वजह से स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहना पड़ा है और निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आगे का पूर्वानुमान और प्रशासनिक तैयारी
मौसम विभाग का अनुमान है कि सितंबर के पहले सप्ताह के शेष दिनों में मानसून की चाल में कुछ फेरबदल देखने को मिल सकता है। जिन इलाकों में अभी बारिश की कमी बनी हुई है, वहां हवा के कम दबाव के क्षेत्र या अन्य स्थानीय मौसमी कारकों के कारण स्थिति में सुधार हो सकता है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग भी सभी जिलों की ताजा रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और अपडेट्स पर लगातार ध्यान रखें ताकि किसी भी संभावित बदलाव के लिए वे पूरी तरह तैयार रह सकें।