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मौसम का कहर: 19 राज्यों में भारी बारिश के अलर्ट और 15 से अधिक मौतें
देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग ने हरियाणा से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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Ankit Yadav
02 सित 2026, 14:06
देश भर में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बेहद खतरनाक और चिंताजनक होता जा रहा है। मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई ताजा चेतावनियों के अनुसार, देश के करीब 19 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट घोषित किया गया है। मानसून के इस अचानक बदले और आक्रामक रुख ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सामान्य दैनिक गतिविधियों के बाधित होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन भी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
हरियाणा से लेकर पूर्वोत्तर तक खतरा
मानसून की यह सक्रियता मुख्य रूप से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के दूरदराज के क्षेत्रों तक फैली हुई है। आने वाले इस पूरे हफ्ते के दौरान हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में बादलों के जमकर बरसने की पूरी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवा के कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ की स्थिति के कारण बारिश की गतिविधियों में यह तीव्र वृद्धि देखने को मिल रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों और निचले स्तर पर बसे शहरी क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि लगातार पानी बरसने से नदियां और नाले उफान पर आ रहे हैं।
प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा मौसमी आपदा और भारी बारिश के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कई जगहों पर मकान ढहने, बाढ़ जैसे हालात बनने और भूस्खलन होने के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन बल की टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि बचाव एवं राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है और सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर भी बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
इस भीषण मौसम को देखते हुए सभी संबंधित राज्य सरकारों ने अपने आपदा प्रबंधन विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश से संपर्क मार्ग कट गए हैं, वहां रास्तों को बहाल करने के लिए भारी मशीनों और इंजीनियरों की टीमों को लगाया गया है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से भी विशेष अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें और जलभराव वाले तथा संवेदनशील क्षेत्रों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों के लिए जैसे-जैसे नए अपडेट्स आएंगे, सुरक्षा के इन उपायों को और अधिक कड़ा किया जा सकता है ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।