हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में बदला मौसम
हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली है। हरियाणा के चरखी दादरी और रेवाड़ी जिलों में दोपहर के समय तेज गर्जना के साथ बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद शाम ढलते ही झज्जर, नूंह, फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम में भी मेघ बरसे। राजस्थान के जयपुर और श्रीगंगानगर में भी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने पूरे परिवेश को ठंडा कर दिया है। हिसार में आसमान दिन भर बादलों से घिरा रहा। कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अनुसार, राज्य में मौसमी बदलाव का दौर बना हुआ है। बीते चौबीस घंटों में राजस्थान का जैसलमेर इलाका सबसे गर्म रहा, जहाँ पारा 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में अचानक बदले इस मौसम के कारण फसलों को भी नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं। आम जनजीवन पर भी इसका सीधा असर दिखाई दिया है।
मौसम विभाग और विशेषज्ञों का पूर्वानुमान
मौसम संबंधी आधिकारिक आकलन के मुताबिक 24 अक्टूबर से राजस्थान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ यानी हवाओं का चक्रवात सक्रिय हो चुका है। इस प्रणाली के प्रभाव से बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों में बारिश के साथ ओले पड़ने की प्रबल संभावनाएं बनी हुई हैं। हरियाणा के संदर्भ में, कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि देर रात से हवाओं की दिशा में बदलाव शुरू हो जाएगा। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की जगह अब उत्तर-पूर्वी हवाएं रुख करेंगी। इस बदलाव का असर 25 और 26 अक्टूबर को स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के चलने और बिजली कड़कने के साथ हल्की बूंदाबांदी का अंदेशा है। तापमान में गिरावट आने के कारण अब दिन के समय भी हल्की ठंडक का अनुभव होने लगा है। सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंड अब लोगों को महसूस हो रही है, जबकि बादलों की उपस्थिति से न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि हो सकती है।
आगामी दिनों में मौसम का संभावित रुख
मौसम में आए इस ताजा बदलाव का असर दो दिनों तक रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि 26 अक्टूबर के बाद हरियाणा में वातावरण फिर से शुष्क होने की ओर बढ़ेगा। उस अवधि में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना है, हालांकि इस दौरान मध्यम गति से हवाओं का चलना जारी रह सकता है। वर्तमान में बादलों की आवाजाही ने तापमान का मिजाज बदल दिया है, जिससे गर्मी से राहत मिली है। किसान खेतों में हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों के नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। इस तरह के मौसमी उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव खेती और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहा है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की निरंतर आ रही अपडेट पर नजर रखें। आने वाले समय में वातावरण शुष्क रहने से ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। राज्य में अगले कुछ दिनों में मौसम का चक्र फिर से स्थिर हो जाएगा।