मध्य प्रदेश के सत्रह जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी
मध्य प्रदेश राज्य में अगले चौबीस घंटों के दौरान मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग की तरफ से राज्य के कुल सत्रह जिलों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इन चिन्हित जिलों में प्रमुख रूप से भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम का इलाका भी शामिल है। कुछ खास स्थानों पर बादलों की गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही इन इलाकों में तेज गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा भी बताया गया है। राज्य के बाकी बचे हुए अन्य जिलों में फिलहाल मौसम पूरी तरह साफ रहने का ही अनुमान है। जिन प्रमुख जगहों पर बारिश हो सकती है उनमें भोपाल के अलावा विदिशा, रायसेन और सीहोर भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत आने वाले बैतूल, हरदा, बुरहानपुर और खंडवा जिलों में भी वर्षा के स्पष्ट आसार बने हुए हैं। खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, धार और इंदौर के निवासियों को भी अपने यहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। देवास, शाजापुर तथा सागर जैसे क्षेत्रों में भी गरज और चमक के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है। मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि इस दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े रहें।
राजस्थान में नए पश्चिमी विक्षोभ का असर और तापमान की स्थिति
राजस्थान राज्य के अंदर भी मौसम एक बार फिर करवट लेने की पूरी तैयारी में है। राज्य में आगामी चौबीस अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अनेक जिलों में बारिश होने के साथ ही ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। विशेष तौर पर बीकानेर संभाग के अंतर्गत आने वाले श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दे सकता है। बीते चौबीस घंटों के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप खिली रही और पश्चिमी इलाकों में गर्मी ने लोगों को परेशान किया। गुरुवार के दिन जैसलमेर में सबसे अधिक तापमान उनतालीस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बाड़मेर में तापमान अडतीस दशमलव छह डिग्री और जोधपुर में सैंतीस दशमलव तीन डिग्री तक पहुंच गया था। हालांकि शाम ढलते ही जैसलमेर और फलोदी के आसपास के क्षेत्रों में आसमान बादलों से घिर गया और हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। दूसरी तरफ कई शहरों में रात के समय तापमान में गिरावट आने से ठंड महसूस होने लगी है। सीकर, पिलानी, टोंक और भीलवाड़ा जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर बीस डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। गुरुवार की रात को माउंट आबू में सबसे कम चौदह दशमलव तीन डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। राजधानी जयपुर में गुरुवार को दिनभर तेज धूप रहने के बाद अधिकतम तापमान तैंतीस दशमलव छह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
छत्तीसगढ़ में ठंड की शुरुआत और बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम
छत्तीसगढ़ राज्य में अब धीरे-धीरे ठंड का असर बढ़ने की शुरुआत हो रही है। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्यभर में मौसम आमतौर पर साफ ही बना रहेगा। फिलहाल वहां बारिश को लेकर किसी भी प्रकार की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। अगले चौबीस घंटों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन उसके बाद रात के पारे में एक से तीन डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। इससे सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड का अहसास होना शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में दर्ज किया गया जहां न्यूनतम पारा तेरह दशमलव छह डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान तैंतीस डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इसके अलावा बिलासपुर में बीस दशमलव छह डिग्री, पेंड्रा रोड में सत्रह डिग्री और जगदलपुर में बीस डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दुर्ग जिले में न्यूनतम तापमान बीस दशमलव दो डिग्री सेल्सियस मापा गया था। मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बना एक नया चक्रवाती सिस्टम है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है जिसके प्रभाव से कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यह मौसमी सिस्टम आगे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और और अधिक मजबूत हो सकता है। हालांकि इस चक्रवाती सिस्टम का फिलहाल छत्तीसगढ़ के मौसम पर सीधा प्रभाव पड़ने की कोई संभावना नहीं जताई गई है।