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मौसम का मिजाज: सितंबर की शुरुआत के साथ दिल्ली से बंगाल तक भारी बारिश और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड
देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर महीने के शुरुआती दिनों में उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक भारी वर्षा का दौर देखने को मिलेगा, जिससे कई स्थानों पर आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
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Ankit Yadav
02 सित 2026, 14:50
देश भर में मानसून ने अपनी चाल तेज कर दी है जिसके कारण सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश के कई बड़े हिस्सों में लगातार भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस मौसमी बदलाव का असर राजधानी दिल्ली से लेकर पूर्वी छोर पर स्थित पश्चिम बंगाल तक साफ तौर पर महसूस किया जाएगा। मानसून की इस सक्रियता के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही कई इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ रही है प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती
मैदानों में जहां बारिश लोगों के लिए राहत और आफत दोनों बनकर बरस रही है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों की स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण देश के विभिन्न पहाड़ी इलाकों से लगातार भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की खबरें सामने आ रही हैं। पहाड़ों की खिसकती चट्टानों और मलबे के कारण कई मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मुस्तैद रहकर रास्तों को साफ करने के कार्य में जुटी हुई हैं ताकि किसी भी प्रकार की बड़ी दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मानसून के इस नए दौर का असर दिखने लगा है। सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा है और कई जगहों पर झमाझम फुहारें पड़ रही हैं जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही तेज हो गई है। मौसम विभाग ने इन तमाम राज्यों में किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद बताई है क्योंकि धान की फसल को इस समय पानी की विशेष आवश्यकता होती है, हालांकि अत्यधिक जलभराव से फसलों को नुकसान की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
पूर्वी राज्यों और बंगाल में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है जिसके चलते मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी है। लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिस पर राज्य सरकारों की पैनी नजर बनी हुई है ताकि बाढ़ जैसी किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के इस चरण में मानसून का यह नया सिस्टम काफी मजबूत है और आने वाले कुछ दिनों तक इसका प्रभाव देश के अधिकांश राज्यों में बना रहेगा। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आपातकालीन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से चालू रखा जा सके।