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मौसम ब्रेकिंग

मौसम का प्रकोप: उत्तराखंड में बारिश के कारण 7 की मौत और 172 सड़कें बंद, उत्तर प्रदेश व झारखंड में भी हालात गंभीर

उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी राज्य में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि यातायात के मुख्य मार्ग भी बाधित हो गए हैं।

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Ankit Yadav
03 सित 2026, 16:38
मौसम का प्रकोप: उत्तराखंड में बारिश के कारण 7 की मौत और 172 सड़कें बंद, उत्तर प्रदेश व झारखंड में भी हालात गंभीर
देश के कई राज्यों में मानसून अपने चरम पर है और इसका सबसे ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लगातार बरस रहे पानी ने पर्वतीय क्षेत्रों में भारी भूस्खलन और जलभराव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से अब तक कुल सात लोगों की जान चली गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता का माहौल है। जान-माल के इस नुकसान के बाद राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

सड़कें बंद होने से परिवहन व्यवस्था ठप

उत्तराखंड के भीतर यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। विभिन्न पहाड़ी रास्तों पर भारी मलबा गिरने और चट्टानें खिसकने के कारण लगभग 172 से अधिक सड़कें पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। सड़कों के अवरुद्ध होने की वजह से चार धाम यात्रा और अन्य पर्वतीय पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमावर्ती और आंतरिक ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है, जिससे दैनिक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द रास्तों को दोबारा चालू किया जा सके और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी बिगड़े हालातपहाड़ी राज्यों तक ही यह आपदा सीमित नहीं है, बल्कि मैदानी और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ चुका है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसा संकट पैदा हो गया है, जिससे कृषि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी प्रकार, झारखंड राज्य में भी मॉनसूनी हवाओं के सक्रिय रहने के कारण झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। दोनों राज्यों के स्थानीय प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी है और राहत शिविरों को सक्रिय कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। प्रशासनिक सतर्कता और आगे की चेतावनीआगामी दिनों के लिए मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति को भांपते हुए कई क्षेत्रों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए हैं। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों और झरनों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड के मुख्यमंत्रियों तथा संबंधित जिलाधिकारियों ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। प्रभावित परिवारों को तुरंत मुआवजा और सहायता सामग्री उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पूरी तरह से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
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