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मौसम की चेतावनी: अगले नौ घंटों में चौदह राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
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Ankit Yadav
06 सित 2026, 12:00
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसका असर बड़े पैमाने पर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग यानी आईएमडी द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले नौ घंटों के भीतर देश के चौदह राज्यों में भारी बारिश और भयंकर आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार बहुत तेज रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे आम जनजीवन और यातायात पर असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पैंसठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस मौसमी बदलाव के दौरान हवाएं पैंसठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह सकती हैं। ऐसी तेज आंधी के कारण पेड़ों के उखड़ने, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने और बिजली की लाइनों के बाधित होने का भारी खतरा बना हुआ है। उत्तर भारत से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक इस वेदर सिस्टम का प्रभाव साफ महसूस किया जा रहा है। जिन चौदह राज्यों को इस ताजा अलर्ट के दायरे में रखा गया है, वहां के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने की हिदायत लगातार दी जा रही है।
पिछले कुछ हफ्तों से देश के अलग-अलग इलाकों में मौसम का अलग ही रुख देखने को मिल रहा है। कहीं लोग चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान थे, तो वहीं अचानक हुई मानसूनी गतिविधियों ने तापमान में गिरावट तो ला दी है, लेकिन इसके साथ ही कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग लगातार उपग्रहों और रडार की मदद से बादलों की आवाजाही पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि समय-समय पर सही और सटीक पूर्वानुमान जारी किया जा सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बारिश नियंत्रित मात्रा में होती है तो फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक तेज हवा और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान भी पहुंच सकता है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी स्थिति को देखते हुए अपनी कमर कस ली है और संबंधित विभागों के साथ लगातार उच्च स्तरीय बैठकें की जा रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पंप और अन्य जरूरी उपकरणों को तैयार रखा गया है। आम जनता से भी अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग के ताजा बुलेटिनों पर नजर रखें और जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से बचें। आने वाले घंटों में मौसम का यह मिजाज किस प्रकार का रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।