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मौसम में बदलाव: राजस्थान में दोबारा एक्टिव हुआ मानसून, 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी
राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है और मानसून की गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने दस जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
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Ankit Yadav
13 सित 2026, 12:24
राजस्थान में मानसून की विदाई से ठीक पहले एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से शांत पड़े बादलों ने नए सिरे से अपनी सक्रियता दर्ज कराई है, जिससे पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र यानी लो-प्रेशर सिस्टम के कारण नमी भरी हवाएं राज्य की ओर तेजी से आ रही हैं। इन मौसमी तंत्रों के सक्रिय होने से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की जा रही हैं। इस अचानक हुए बदलाव से तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है।
दस जिलों के लिए येलो अलर्ट और सुरक्षा निर्देश
मौसम विभाग ने संभावित बारिश के मद्देनजर राज्य के दस प्रमुख जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए यह बारिश मिली-जुली प्रतिक्रिया लेकर आई है, क्योंकि कुछ फसलों को इससे फायदा पहुंचेगा, तो वहीं लगातार जलभराव से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को नदियों तथा बांधों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यह दौर रुक-रुक कर अलग-अलग हिस्सों में जारी रह सकता है।
राज्यभर में इस नए मानसूनी दौर के प्रभाव से जनजीवन पर भी असर पड़ा है। राजधानी जयपुर समेत कई अन्य जिलों में सुबह से ही आसमान बादलों से ढका रहा और ठंडी हवाएं चलती रहीं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा भी विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के इस चरण में इस प्रकार की मानसूनी गतिविधियां सामान्य हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण इनकी तीव्रता थोड़ी अधिक दर्ज की जा रही है।
आने वाले दिनों में मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे नए अपडेट्स सामने आएंगे, चेतावनी के स्तर को संशोधित किया जा सकता है। फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से सफर करने से बचें। इस ताजा मानसूनी सक्रियता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रकृति का मिजाज कब बदल जाए, इसका सटीक अनुमान लगाना कठिन है, लेकिन समय रहते चेतावनी जारी होने से संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।