Lucknow Desk: उत्तर प्रदेश को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यूपी सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल’ यानी असीम संभावनाओं की भूमि है। टेक्सटाइल सेक्टर इसका एक बड़ा उदाहरण है। हजारों साल पुरानी कपड़ा बनाने की परंपरा आज आधुनिक तकनीक और नए निवेश के साथ आगे बढ़ रही है। यूपी के वस्त्र उद्योग की जड़ें काफी पुरानी हैं। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के रेशम और काशी के पारंपरिक वस्त्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय ग्रंथों में भी यहां के कपड़ों की समृद्ध परंपरा के उल्लेख मिलते हैं।
रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में काशी के वस्त्रों का उल्लेख इसकी पुरानी पहचान को दर्शाता है। यूपी में बने कपड़ों की पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। इतिहास में रोमन और ग्रीक सभ्यताओं के साथ व्यापार के दौरान भी भारतीय वस्त्रों की मांग का उल्लेख मिलता है। यानी उत्तर प्रदेश की कपड़ा परंपरा का जुड़ाव सदियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार से रहा है। अब इसी विरासत को नई दिशा देने की कोशिश हो रही है। पिछले वर्षों में प्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर को आधुनिक तकनीक, निवेश, इनोवेशन और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया है।
इसका मकसद प्रदेश में रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करने के साथ टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने टेक्सटाइल के क्षेत्र में अपनी मजबूत जगह बनाई है। केंद्र सरकार ने 2030 तक टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को बड़ा वैश्विक केंद्र बनाने और निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम हो सकती है। यूपी की पुरानी बुनाई और नई तकनीक का यह मेल प्रदेश को देश के साथ-साथ दुनिया के टेक्सटाइल बाजार में भी मजबूत पहचान दिला सकता है।