कंटाप
NEWS
बुधवार, 2 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल बाढ़: वायरल हुए इस सीसीटीवी फ़ुटेज के बाद यहां क्या हुआ?      PoK से गुजरने वाला BRI मंजूर नहीं, SCO समिट में चीनी प्रोजेक्ट के खिलाफ डटकर खड़ा हुआ भारत      राम मंदिर ट्रस्ट को मिले 3 नए ट्रस्टी, जानें लिस्ट में कौन-कौन शामिल      Trump On Hormuz: 'होर्मुज हमारे कब्जे में...', ट्रंप का एक बयान, फिर तेल की कीमतों से शेयर बाजारों तक भूचाल      थलपति विजय राहुल गांधी को मानते हैं PM उम्मीदवार, किसने कर दिया दावा      नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने का ऑपरेशन ख़तरनाक क्यों है?      दिशा सालियान मामले की CBI जांच का आदेश, सुशांत सिंह राजपूत से 6 दिन पहले हुई थी मौत; आदित्य ठाकरे की मुसीबत बढ़ेगी?      मुस्लिम धर्मगुरु पर भड़के कांग्रेस के सीएम, कहा-महिलाएं सिर्फ...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
शिक्षा

विशेष पहल: झारखंड में 400 रिसोर्स शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण ताकि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा बने आसान

झारखंड में दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक विकास और उनकी पठन-पाठन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसके तहत राज्यभर के 400 रिसोर्स शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।

A
Ankit Yadav
02 सित 2026, 14:58
विशेष पहल: झारखंड में 400 रिसोर्स शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण ताकि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा बने आसान
झारखंड में शिक्षा के स्तर को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया गया है। राज्य सरकार और संबंधित शिक्षा विभागों ने मिलकर दिव्यांग बच्चों की पठन-पाठन संबंधी चुनौतियों को कम करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी के तहत, राज्य के कुल 400 रिसोर्स शिक्षकों का चयन किया गया है जिन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण और विशेष बच्चों की जरूरतों को बारीकी से समझने में दक्ष बनाना है, ताकि वे कक्षाओं में इन छात्रों को बेहतर सहायता दे सकें।

कक्षाओं में समावेशी माहौल तैयार करने पर जोर

पैराग्राफ दो में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में समावेशी शिक्षा का होना कितना अनिवार्य है। अक्सर विशेष क्षमताओं वाले बच्चों को सामान्य कक्षाओं में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि पारंपरिक शिक्षण तकनीकें उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होती हैं। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को ब्रेल लिपि, साइन लैंग्वेज, और विभिन्न प्रकार की बौद्धिक या शारीरिक अक्षमताओं से जूझ रहे छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने के उन्नत तरीकों से अवगत कराया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब शिक्षक खुद प्रशिक्षित होंगे, तो वे न केवल बच्चों को पढ़ा सकेंगे बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा सकेंगे। शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े इस अभियान का दायरा काफी व्यापक रखा गया है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों तक इसका लाभ पहुंच सके। शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम जमीनी स्तर पर शिक्षा के अधिकार को सही मायने में फलीभूत करने में मदद करेगा। कई जिलों में रिसोर्स सेंटरों की पहचान कर ली गई है जहां विशेषज्ञों की देखरेख में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में शिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी व्यक्तिगत प्रगति का मूल्यांकन करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।

भविष्य की योजनाएं और सकारात्मक परिणाम

आगामी समय में इस प्रकार के कार्यक्रमों से राज्य के शैक्षणिक ढांचे में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि 400 शिक्षकों का यह पहला चरण है और आने वाले दिनों में जरूरत के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तार भी किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा केवल इसलिए अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे क्योंकि उसके विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त संसाधन या प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए झारखंड के सरकारी और अर्ध-सरकारी विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के नामांकन और उनकी उपस्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलने की प्रबल संभावना है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज