कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
फाइनेंस

ईंधन कीमतों पर सियासत: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उपकर बढ़ाने पर विपक्षी दलों ने घेरा

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर साठ पैसे का अतिरिक्त उपकर लगाए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 15:26
ईंधन कीमतों पर सियासत: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा उपकर बढ़ाने पर विपक्षी दलों ने घेरा
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में ईंधन की कीमतों पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है जब वहां की कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर साठ पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त उपकर लगाने का निर्णय लिया। इस कदम के सामने आते ही विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का खुला मौका मिल गया है, और उन्होंने इसे आम जनता की जेब पर एक और भारी बोझ करार दिया है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया है कि जब चुनाव होते हैं तो महंगाई कम करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस तरह के कर लगाकर जनता का आर्थिक शोषण किया जाता है, जो उनकी कथनी और करनी के अंतर को स्पष्ट करता है।

सरकार का बचाव और वित्तीय मजबूरियां

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने अपने इस फैसले का जोरदार बचाव करते हुए कहा है कि वित्तीय संकट से जूझ रहे पहाड़ी राज्य के विकास कार्यों को गति देने के लिए यह मामूली उपकर लगाना बेहद आवश्यक था। अधिकारियों का तर्क है कि इस अतिरिक्त राजस्व से मिलने वाली राशि का उपयोग राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने और जनहित योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए किया जाएगा। सरकार का यह भी कहना है कि अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में उनके यहां अभी भी कीमतें नियंत्रण में हैं और इस फैसले का असर आम उपभोक्ताओं पर बहुत सीमित रहेगा, हालांकि विपक्ष इस दलील को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।

आम जनता पर पड़ने वाला सीधा असर

महंगाई के इस दौर में ईंधन के दामों में मामूली सी बढ़ोतरी भी परिवहन क्षेत्र और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं की ढुलाई को महंगा कर देती है, जिससे अंततः आम आदमी की थाली पर असर पड़ता है। हिमाचल जैसे राज्य में, जहां परिवहन का मुख्य साधन सड़क मार्ग ही है, डीजल और पेट्रोल के महंगे होने से बस किराए और कृषि उत्पादों की ढुलाई लागत में भी वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। जनता के बीच भी इस बात को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि क्या इस फैसले से राज्य की वित्तीय सेहत सुधरेगी या फिर यह केवल राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर बनकर रह जाएगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज