Lucknow Desk : पहाड़ों में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। रामनगर की कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार देर रात कोसी नदी में पानी का बहाव 47 हजार क्यूसेक से भी ज्यादा पहुंच गया, जिसे इस बरसात में अब तक का सबसे अधिक जलस्तर बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह कोसी नदी का जलस्तर करीब 19 हजार क्यूसेक था। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने के बाद नदी में पानी तेजी से बढ़ने लगा।
कुछ ही घंटों में जलस्तर बढ़कर 47 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया। पानी का बहाव बढ़ने के बाद नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गई। हालांकि बुधवार सुबह नदी का जलस्तर देर रात के मुकाबले कुछ कम हुआ है। सुबह करीब 25 हजार क्यूसेक पानी कोसी नदी में बह रहा था। लेकिन सुबह से ही पहाड़ी क्षेत्रों में फिर से मूसलाधार बारिश शुरू होने के कारण नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि नदी में पानी का बहाव 20 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचने के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
सिंचाई विभाग की ओर से अल्मोड़ा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। पहाड़ों में तेज बारिश होने पर अल्मोड़ा की ओर से कोसी नदी में अतिरिक्त पानी आने की संभावना रहती है। ऐसे में रामनगर और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की अपील की गई है। लोगों को किसी भी तरह की लापरवाही न करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।