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राप्ती नदी के कटान से सिसवारा घाट की सड़क पर संकट, आधी सड़क नदी में समाई

15-20 दिनों से कटान रोकने की कोशिश जारी, मिट्टी से भरी बोरियों के सहारे बचाई जा रही सड़क, ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की

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Administrator
06 सित 2026, 19:27
राप्ती नदी के कटान से सिसवारा घाट की सड़क पर संकट, आधी सड़क नदी में समाई

Lucknow Desk : सिसवारा घाट के पास राप्ती नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी की तेज धारा ने सड़क के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। करीब आधी सड़क नदी में समा चुकी है, जबकि बचा हुआ हिस्सा भी अब कटान की जद में है। इससे इस मार्ग से आने-जाने वाले हजारों लोगों के सामने आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ने का खतरा बना हुआ है। कटान को रोकने के लिए पिछले 15-20 दिनों से लगातार काम कराया जा रहा है।

सैकड़ों मजदूर मौके पर लगाए गए हैं और मिट्टी से भरी बोरियां डालकर सड़क को नदी की धारा से बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, नदी का बहाव तेज होने के कारण अब तक कटान पूरी तरह नहीं रुक सका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को बचाने के लिए अस्थायी इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ग्रामीणों ने नदी के किनारे पत्थरों से मजबूत बांध और सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है, ताकि सड़क को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले ही कटान रोकने के लिए ठोस काम कराया गया होता तो शायद सड़क को इस स्थिति तक पहुंचने से बचाया जा सकता था। उनका कहना है कि अब भी समय रहते स्थायी इंतजाम नहीं किए गए तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी नदी में समा सकता है। स्थानीय विधायक राम फेरन पांडेय की ओर से सड़क को बचाने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद कटान जारी है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई तो क्षेत्र के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जल्द स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है, ताकि सड़क और आसपास के गांवों को राप्ती नदी के कटान से बचाया जा सके।

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