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मौसम अपडेट: जयपुर और राजस्थान में कल से भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिमी इलाकों में मानसून सुस्त
राजस्थान के मौसम को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है जिसके अनुसार राज्य के कई हिस्सों में कल से तेज मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में इसके कमजोर रहने की संभावना जताई गई है।
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Ankit Yadav
03 सित 2026, 12:45
देश के सबसे बड़े राज्यों में शुमार राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग की तरफ से मिली ताजा जानकारियों के मुताबिक, राजधानी जयपुर समेत कई अन्य जिलों में आने वाले कल से भारी वर्षा का नया दौर शुरू होने वाला है। इस संबंध में संबंधित विभागों द्वारा चेतावनी और अलर्ट भी जारी कर दिए गए हैं ताकि आम जनता और स्थानीय प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रह सके। मानसून के इस बदलते चरण से लोगों को गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग असर
पूर्वी राजस्थान के इलाकों में जहां बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के पूरे आसार हैं, वहीं इसके ठीक विपरीत स्थिति पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिल सकती है। प्राप्त विवरणों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में इस दौरान मानसून के कमजोर बने रहने की आशंका है। इसका मतलब यह है कि जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर जैसे पश्चिमी संभाग के जिलों में झमाझम बारिश के लिए अभी लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है या फिर वहां हल्की छिटपुट बौछारें ही देखने को मिलेंगी। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मौसमी प्रणालियों की स्थिति के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में यह असमान असर देखने को मिल रहा है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों ने भारी बारिश के इस नए दौर के मद्देनजर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिन जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्थानीय नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही मानसून का यह पैटर्न कृषि और जल संचय के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। किसानों को उम्मीद है कि जिन इलाकों में अच्छी बारिश होगी, वहां खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे पैदावार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के किसानों को मानसून की सुस्ती के कारण सिंचाई के लिए अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम की यह स्थिति पूरे राज्य में कैसी करवट लेती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।