शिवा मार्केट में आग का तांडव
जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र शिवा मार्केट में रविवार की देर रात अचानक भयंकर आग भड़क उठी। इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आकर दर्जनों दुकानें पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई हैं। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि देखते ही देखते उन्होंने बाजार के बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को इस हादसे की सूचना मिलते ही राहत कार्यों के लिए टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। अभी भी घटनास्थल पर धुआं और आग का असर देखा जा सकता है, जिससे वहां के दुकानदारों में भारी हताशा व्याप्त है। इस बाजार में सूखे मेवे, ऊनी कंबल के अलावा खाने-पीने के कई प्रसिद्ध प्रतिष्ठान और ढाबे संचालित होते हैं, जो अब जलकर नष्ट हो चुके हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दमकल की गाड़ियां जब तक पहुंचतीं, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
घटना के कारण और प्रशासनिक कार्रवाई
स्थानीय विधायक विक्रम रंधावा ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद जानकारी दी कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि यह एक छोटी चिंगारी से शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे पूरे बाजार में फैल गई। विधायक के आकलन के अनुसार, इस अग्निकांड में लगभग 35 से 40 दुकानें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। मौके पर मौजूद अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर, एसपी साउथ, डीएसपी और एसएचओ शामिल हैं, जो स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम के अलावा स्थानीय सिविल सोसाइटी के लोग भी राहत एवं बचाव कार्यों में दमकल विभाग का भरपूर सहयोग कर रहे हैं। हालांकि आग पर पूर्ण नियंत्रण पाने के बाद ही नुकसान की सही आर्थिक गणना संभव हो पाएगी। प्रभावित दुकानदार भी इस संकट की घड़ी में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं और आग बुझाने की कोशिशों में मदद कर रहे हैं।
नुकसान का आकलन और भविष्य की रणनीति
शिवा मार्केट का यह इलाका जम्मू के एक मुख्य वाणिज्यिक केंद्र के रूप में पहचाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। इस घटना के कारण वहां के व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है, जो उनके भविष्य के लिए भी चिंताजनक है। विधायक विक्रम रंधावा ने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि वर्तमान में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाने की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आग पर काबू पा लिए जाने के बाद, प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा देने के मुद्दे पर जिला प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह घटना इस क्षेत्र के व्यवसायियों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि ड्राई फ्रूट्स और कंबल जैसे महत्वपूर्ण सामानों का भारी स्टॉक जलकर स्वाहा हो गया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि भविष्य में इस तरह की आपदाओं को रोकने के लिए व्यावसायिक क्षेत्रों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत कैसे बनाया जाए।