गढ़वा जिले में पेंशनर्स कल्याण समाज की बैठक
झारखंड पेंशनर्स कल्याण समाज रांची की निदेशक मंडल के अंतर्गत गढ़वा में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में गढ़वा जिले के तमाम पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और पेंशनभोगियों के सामने आ रही तमाम प्रकार की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिला पेंशनर्स कल्याण समाज के अध्यक्ष केके यादव ने इस बैठक की अध्यक्षता की और विस्तार से चर्चा की। अध्यक्ष केके यादव ने अपने संबोधन में बताया कि जिले के भीतर अधिकांश पुरानी समस्याओं का अब सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। जो कुछ शेष समस्याएं अभी भी बची हुई हैं, उनके समाधान के लिए प्रशासन को औपचारिक रूप से अवगत कराया गया है। इसके संबंध में जिला उपायुक्त को एक मांग पत्र भी भेजा गया है ताकि उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। बैठक के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग की अपील की गई।
वृद्धाश्रम और पेंशन अदालत गठित करने की मांग
जिला अध्यक्ष केके यादव ने बैठक में कई तीखी और महत्वपूर्ण मांगें प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखीं। उन्होंने मांग की कि हर एक जिले में वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए एक नया वृद्धाश्रम बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा पेंशन से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए एक विशेष पेंशन अदालत का गठन करने की बात कही गई। पेंशनभोगियों की शिकायतों को सुनने और दर्ज करने के लिए हर जगह एक शिकायत कोषांग भी खोला जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पेंशन अदालत की बैठकों के दौरान महालेखाकार के प्रतिनिधि की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया गया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक स्थानीय थाने में एक नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे सभी बुजुर्गों और पेंशनर्स की शिकायतों का समय पर और उचित समाधान निकालने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
आठवें वेतन आयोग से पहले महंगाई भत्ते पर जोर
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए लागू स्वास्थ्य बीमा योजना में सुधार करने की सख्त जरूरत बताई गई। केके यादव ने मांग रखी कि नियमित कर्मचारियों की तरह ही पेंशनभोगियों के वेतन से भी प्रीमियम कटौती की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए। इस प्रकार की व्यवस्था होने से बीमा योजना के संचालन को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा। केंद्र सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते की घोषणा अभी तक नहीं किए जाने पर उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुरजोर मांग की कि जब तक आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आधिकारिक रूप से लागू नहीं हो जाती है, तब तक महंगाई भत्ते की 50 प्रतिशत राशि सीधे मूल पेंशन में जोड़ी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने भवन निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी जिला प्रशासन के समक्ष रखी ताकि पेंशनर्स के हित में उसका उपयोग किया जा सके। इन तमाम मांगों को लेकर पेंशनर समाज ने अपनी आगे की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है और वे प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं।