वाराणसी हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर रोक
रविवार को वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्धारित आगमन के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए थे। इस विशेष वीवीआईपी दौरे के दौरान वायु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने बाबतपुर हवाई क्षेत्र में अन्य विमानों की लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगा दी थी। सुबह के समय इंडिगो एयरलाइंस की दो उड़ानें वाराणसी की सीमा में पहुंच चुकी थीं, लेकिन उन्हें रनवे पर उतरने की अनुमति नहीं मिली। इनमें से एक विमान दिल्ली से 228 यात्रियों को लेकर आ रहा था, जो सुबह लगभग 9:25 बजे हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ था। वहीं, हैदराबाद से आने वाली इंडिगो की दूसरी उड़ान सुबह 9:40 बजे पहुंची। इन विमानों को वाराणसी में उतरने की अनुमति न मिलने के कारण एटीसी ने उन्हें तुरंत लखनऊ डायवर्ट करने का निर्देश दिया। इस प्रक्रिया के दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि उन्हें अपने गंतव्य से दूर उतरना पड़ा। सुरक्षा मानकों के कारण किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई और विमानों को सुरक्षित रूप से लखनऊ हवाई अड्डे के लिए रवाना कर दिया गया।
सुरक्षा कारणों से विमानों का मार्ग परिवर्तन
हवाई अड्डे के निदेशक पुनीत गुप्ता ने जानकारी दी कि यह निर्णय प्रधानमंत्री के विशेष भारतीय वायुसेना विमान के आगमन के कारण लिया गया था। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जब प्रधानमंत्री का विमान हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो अन्य सभी प्रकार की हवाई गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोक दिया जाता है। इंडिगो की दिल्ली से आने वाली फ्लाइट संख्या 6ई 5025 और हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट संख्या 6ई 915 को एटीसी ने रनवे क्लियर न होने की वजह से लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। इन विमानों ने वाराणसी के ऊपर कई चक्कर लगाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके, लेकिन जब सुरक्षा मंजूरी नहीं मिली तो उन्हें लखनऊ डायवर्ट करना ही एकमात्र विकल्प बचा था। इस पूरे घटनाक्रम में विमानों को लखनऊ की दिशा में मोड़ दिया गया, जिससे यात्रियों को अपने तय समय से देरी का सामना करना पड़ा। विमानन अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के विमान की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है और ऐसे में वाणिज्यिक उड़ानों के मार्ग में बदलाव एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। लखनऊ पहुंचने के बाद यात्रियों को आवश्यक जानकारी दी गई और विमानों के परिचालन में सुधार की प्रतीक्षा की गई।
यात्रियों पर असर और विमानों की वापसी
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के कारण हुई इस डायवर्जन प्रक्रिया का असर यात्रियों की यात्रा योजना पर स्पष्ट रूप से दिखा। दोपहर 3:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने पर ही दोनों विमानों को वाराणसी पहुंचने की अनुमति मिल सकी, जिसके बाद यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच पाए। यह स्थिति प्रधानमंत्री के बाबतपुर एयरपोर्ट आगमन से ठीक पहले सुबह के समय उत्पन्न हुई थी। सुरक्षा कारणों से विमानों को लखनऊ की तरफ मोड़ना पड़ा, जो कि उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वीवीआईपी सुरक्षा के दौरान हवाई यातायात प्रबंधन में किस प्रकार के कठोर नियमों का पालन किया जाता है। यात्रियों के लिए यह एक लंबी देरी वाला दिन रहा, क्योंकि उन्हें न केवल वाराणसी के ऊपर चक्कर काटने पड़े, बल्कि लखनऊ तक की अतिरिक्त दूरी भी तय करनी पड़ी। हालांकि, सभी यात्री और विमान सुरक्षित रहे और दोपहर बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई। यह घटना प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान अपनाए गए सुरक्षा घेरे और हवाई क्षेत्र के कड़े नियमों को दर्शाती है, जिसे हवाई यातायात नियंत्रण और एयरपोर्ट प्रबंधन ने पूरी सतर्कता के साथ अंजाम दिया।