Lucknow Desk : लखनऊ में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों ने शनिवार सुबह अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आंदोलनरत अभ्यर्थी सुबह करीब 8 बजे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पहुंचे और घेराव किया। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता कर भर्ती में सामने आई आरक्षण संबंधी विसंगति का समाधान कराया जाए। अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग पर भी अड़े रहे। उनका कहना है कि 10 सितंबर को हुई बैठक में आरक्षण विसंगति के मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन अभी तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण छूट का पूरा लाभ नहीं मिला।
इसी आधार पर वे विज्ञापन में आवश्यक संशोधन कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए। डिप्टी सीएम आवास पर पहुंचने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को वहां से हटा दिया। इसके बाद उन्हें बसों में बैठाकर ईको गार्डन स्थित धरना स्थल भेजा गया। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगति को दूर कराने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं।
उनका कहना है कि मामला केवल परिणाम में संशोधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। इसलिए सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मांग की है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को लागू करते हुए भर्ती प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जाए। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों के लिए संशोधित परिणाम जारी किया जाए और नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर शासन की ओर से स्पष्ट फैसला नहीं आता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल प्रदर्शनकारी ईको गार्डन स्थित धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए हैं।