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राजनीति

राजनीतिक हलचल: हरीश रावत ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को किया खारिज और दिया बड़ा बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी छोड़ने की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि उनका संगठन से गहरा नाता है और वह इससे कभी अलग नहीं हो सकते।

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Ankit Yadav
12 सित 2026, 13:22
राजनीतिक हलचल: हरीश रावत ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को किया खारिज और दिया बड़ा बयान
हाल ही में राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेजी से चल रही थीं कि कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी से नाराज चल रहे हैं और जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। इन चर्चाओं ने उस समय और जोर पकड़ लिया जब विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके इस्तीफे की खबरें उड़ने लगीं। हालांकि, इन तमाम कयासों पर खुद हरीश रावत ने सामने आकर विराम लगा दिया है और अपनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। उन्होंने मीडिया के सामने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका इस राजनीतिक दल के साथ रिश्ता बहुत पुराना और मजबूत है, जो उनकी रग-रग में बसा हुआ है।

खून और हड्डियों का रिश्ता

पार्टी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को जाहिर करते हुए हरीश रावत ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस संगठन उनके खून और हड्डियों में समाया हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक सफर का अधिकांश समय इसी पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में बीता है, और ऐसी स्थिति में संगठन से किनारा करने या किसी अन्य विकल्प के बारे में सोचने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उनके इस बयान के बाद उन तमाम अटकलों और अफवाहों पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लग गया है, जिनमें उनके पार्टी छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक दल के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा था। उनके समर्थकों ने भी इस बयान के बाद राहत की सांस ली है। ईडी की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया इसके अलावा, हरीश रावत ने देश भर में केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही विभिन्न कार्रवाइयों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दबाव के बावजूद वह और उनके साथी डरने वाले नहीं हैं और जनहित के मुद्दों को पूरी ताकत से उठाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राजनीतिक लड़ाइयों से घबराने वाले नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। आगामी रणनीतियां और कार्यकर्ताओं में संदेश हरीश रावत के इस स्पष्टीकरण के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं का मानना है कि इस तरह के बयानों से पार्टी के भीतर एकजुटता को और बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों के राजनीतिक परिदृश्य में भी इन बयानों का गहरा असर देखा जा रहा है, जहां विपक्षी दल लगातार अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में पार्टी का यह वरिष्ठ नेता किस प्रकार अपनी भूमिका निभाता है और राजनीतिक मंच पर क्या नए समीकरण बनते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ चेहरों का यह दृढ़ संकल्प आने वाले चुनावों और आंदोलनों में कैडर का मनोबल ऊंचा रखने में काफी मददगार साबित होगा।
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