झाड़ियों से मिला था लापता बच्ची का शव
कोरबा जिले के अंतर्गत आने वाले रजगामार क्षेत्र में रोजी-रोटी की तलाश में सक्ती जिले से आया एक परिवार पिछले लगभग चार महीनों से रह रहा था। परिवार के मुखिया एक पोल्ट्री फार्म में मेहनत-मजदूरी करते थे और उसी परिसर में अपना जीवन बिता रहे थे। गत 19 अक्टूबर के दिन पिता ने अपनी सात साल की छोटी बेटी को घर के समीप की राशन दुकान से कुछ जरूरी सामान खरीदने के लिए भेजा था। नन्हीं बालिका जब दुकान की ओर रवाना हुई, तो वह तय समय के भीतर अपने घर वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पहले तो आसपास के तमाम इलाकों में उसकी तलाश की और अपने परिचितों से भी पूछताछ की, लेकिन बच्ची का कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लगा। कोई रास्ता न दिखने पर परिवार ने नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचकर बच्ची की गुमशुदगी की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ की और खोजबीन तेज कर दी। तलाश के इसी क्रम में 22 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि पोल्ट्री फार्म के ठीक पीछे स्थित झाड़ियों में एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है। पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से घटनास्थल की पूरी जांच की, ताकि सभी आवश्यक साक्ष्य सुरक्षित जुटाए जा सकें।
बांगो क्षेत्र के जंगल से दबोचा गया आरोपी
घटना की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने इस वीभत्स अपराध की जांच के लिए खोजी कुत्तों की सहायता ली और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की। गहन छानबीन और सुरागकशी के बाद पुलिस ने 22 अक्टूबर की रात को बांगो इलाके के घने जंगल में घेराबंदी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 40 साल के एक संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा, जिसका घर बालको थाना क्षेत्र के बेलगारी नाला इलाके में है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने चॉकलेट का लालच देकर बच्ची को जंगल की तरफ बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया था। वहां उसने मासूम के साथ घिनौना कृत्य किया और फिर अपनी पहचान छिपाने के डर से उसे मौत के मुँह में धकेल दिया। आरोपी का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं बताया गया है, लेकिन वह बुरी तरह नशे का आदी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और जंगल में छिपने की फिराक में था। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कार्यालय के सभाकक्ष में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित करके इस पूरे घटनाक्रम और गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी साझा की।
आरोपी की गिरफ्तारी पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन
आरोपी की गिरफ्तारी की खबर सार्वजनिक होते ही शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण रजगामार पुलिस चौकी के बाहर जमा हो गए। उग्र भीड़ ने पुलिस चौकी का पूरी तरह से घेराव कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक शामिल थे, जिनकी मांग थी कि आरोपी को जल्द से जल्द फांसी पर लटकाया जाए। क्षेत्र के वकीलों ने भी स्पष्ट घोषणा कर दी है कि वे न्यायालय में इसशी किसी भी आरोपी की तरफ से पैरवी नहीं करेंगे। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस क्रूर घटना की कड़ी निंदा की है और कांग्रेस पार्टी द्वारा कैंडल मार्च निकाले जाने की बात कही गई है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भी इस गंभीर अपराध पर गहरी नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि पीड़ित परिवार को समयबद्ध तरीके से पूरा न्याय मिल सके।