बड़ाबाजार से सरगना की गिरफ्तारी
मुंबई पुलिस ने कोलकाता शहर के बड़ाबाजार इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से गैजेट्स भेजने वाले गिरोह के मुखिया को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद मुस्तफा के रूप में हुई है और उसे एक गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों को इस गिरोह की गतिविधियों के बारे में लगातार अहम जानकारियां मिल रही थीं जिसके बाद यह सफलता हाथ लगी। इस संपूर्ण अभियान के दौरान पुलिस बल ने आरोपी की धरपकड़ के लिए स्थानीय खुफिया तंत्र का भी पूरा इस्तेमाल किया। गिरफ्तारी की यह कार्रवाई कोलकाता के व्यस्त बाजार क्षेत्र में पूरी गोपनीयता के साथ की गई ताकि आरोपी भागने में सफल न हो सके। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि मोहम्मद मुस्तफा इस बड़े आपराधिक नेटवर्क का संचालन कब से कर रहा था। इस पूरी कार्रवाई के बाद से तस्करी के धंधे से जुड़े अन्य असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है और वे अपनी छिपने की जगहें बदल रहे हैं।
अदालत में पेशी और रिमांड मंजूर
गिरफ्तारी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी मोहम्मद मुस्तफा को शुक्रवार के दिन बैंकशाल कोर्ट के समक्ष पेश किया। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस के वकीलों ने आरोपी से गहन पूछताछ करने और मामले की तह तक पहुंचने के लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड की औपचारिक मांग की। अदालत के सूत्रों के अनुसार विचार-विमर्श के बाद न्यायाधीश ने मुंबई पुलिस को आरोपी को अपने साथ ले जाने के लिए सात दिन की ट्रांजिट रिमांड की अनुमति प्रदान कर दी। इस रिमांड अवधि के दौरान मुंबई पुलिस के अधिकारी आरोपी से आमने-सामने बैठाकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ करेंगे। रिमांड मिलने के बाद पुलिस दल आरोपी को लेकर मुंबई के लिए रवाना होने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है जहां उससे आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत के इस निर्णय से पुलिस को इस आपराधिक गिरोह के अन्य गुर्गों तक पहुंचने में बहुत बड़ी मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। पूछताछ के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है जिससे इस अवैध धंधे का पूरा पर्दाफाश हो सकेगा।
बरामद मोबाइल और नेटवर्क की जांच
इस संपूर्ण आपराधिक मामले की जांच प्रक्रिया के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने देश के विभिन्न कोनों से गायब हुए कुल 191 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन तमाम चोरी किए गए फोनों को देश की सीमाओं से पार भेजकर पड़ोसी देश बांग्लादेश में पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस बात का विशेष रूप से पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन गैजेट्स को विदेश भेजने के लिए किन गुप्त रास्तों और माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं पुलिस उनकी भी शिनाख्त करने में जुटी हुई है। गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और चोरी के इन उपकरणों की नियमित आपूर्ति से जुड़े सभी पहलुओं की बहुत बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर कई और गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।