प्रवेश द्वार पर आईडी कार्ड मांगने से शुरू हुआ पूरा विवाद
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। पीड़ित कर्मचारी रोहित कुमार ने इस मामले की औपचारिक शिकायत सीधे पुलिस आयुक्त से की है। घटना 23 अक्टूबर की है जब रोहित कुमार स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर अपनी डयूटी निभा रहे थे। उनका मुख्य दायित्व स्टेडियम में आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति से प्रवेश के लिए अधिकृत आईडी कार्ड की मांग करना था। उसी समय एक महिला ने स्टेडियम के अंदर जाने का प्रयास किया और रोहित कुमार ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा। महिला ने पहचान पत्र दिखाने के बजाय रौब दिखाते हुए कहा कि वह सौदागर लाइन चौकी के अधिकारी रिक्की पूनिया को भली-भांति जानती है। कर्मचारी ने नियमों का पालन करते हुए बिना पहचान पत्र के महिला को अंदर जाने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद वह महिला वहां से चली गई लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया और बात चौकी तक पहुंच गई। दोपहर के ठीक एक बजे चौकी प्रभारी की तरफ से कर्मचारी के पास फोन आया जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
चौकी पर बुलाकर दारोगा द्वारा लात और घूंसों से पिटाई
टेलीफोन पर बातचीत होने के बाद पीड़ित कर्मचारी रोहित कुमार कुछ ही देर में सीधे पुलिस चौकी जा पहुंचे। चौकी पहुंचने पर उन्होंने दारोगा रिक्की पूनिया को मिलने के लिए फोन किया और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके बुलाने पर दारोगा रिक्की पूनिया ठीक पांच मिनट के भीतर ही पुलिस चौकी पर आ गए। चौकी परिसर में पहुंचते ही दारोगा का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि दारोगा ने रोहित कुमार पर ताबड़तोड़ लात और घूंसों से हमला कर दिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस दौरान स्टेडियम के कर्मचारी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और इंटरनेट मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी तेजी से प्रसारित हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है और लोग पुलिसकर्मी के इस तरह के रवैये की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। एक सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने कर्तव्य का पालन करने पर इस तरह की हिंसा का शिकार होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
उच्च अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान और जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण का तत्काल कड़ा संज्ञान लिया है। पीड़ित कर्मचारी रोहित कुमार द्वारा पुलिस आयुक्त के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने के बाद डीसीपी सिटी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी किए हैं। डीसीपी सिटी ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी एसीपी हरीपर्वत को सौंप दी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। जांच अधिकारी अब घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं जिसमें यह देखा जा रहा है कि चौकी प्रभारी ने कानून के दायरे से बाहर जाकर हिंसा क्यों की। स्टेडियम प्रशासन और स्थानीय नागरिकों में भी इस घटना के बाद से काफी रोष व्याप्त है और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस प्रकार के मामलों में विभागीय जांच के जरिए दोषियों की जवाबदेही तय की जाती है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाती है। स्टेडियम के अन्य कर्मचारी भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इस मामले में न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।