पर्यटकों के लिए खुले बांधवगढ़ के द्वार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र की विधिवत शुरुआत 1 अक्टूबर से हो गई है। मानसून सीजन के दौरान सुरक्षा और संरक्षण के दृष्टिगत मुख्य क्षेत्रों में सफारी को 30 जून से बंद कर दिया गया था। अब लगभग तीन महीने के लंबे अंतराल के पश्चात पार्क के प्रवेश द्वारों को फिर से खोल दिया गया है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में सैलानी बाघों और अन्य वन्यजीवों को देखने के लिए पार्क पहुंचे हैं। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गोवा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से लोग यहां सफारी का आनंद लेने आए हैं। टाइगर की अधिक आबादी के लिए विख्यात इस पार्क में साइटिंग की प्रबल संभावना के चलते पर्यटकों का भारी जमावड़ा देखा जा रहा है। आने वाले समय में भीड़ बढ़ने की पूरी उम्मीद है क्योंकि ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था पहले ही काफी हद तक भर चुकी है और रिजर्व में सैलानियों की चहल-पहल लौट आई है।
प्रबंधन की तैयारी और सैलानियों का अनुभव
वन विभाग और पार्क प्रशासन ने पर्यटकों के स्वागत के लिए सभी इंतजाम मुकम्मल कर लिए हैं। फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने स्पष्ट किया है कि सफारी मार्गों को दुरुस्त करने के साथ प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। गाइडों और जिप्सियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जंगल के नियमों का पालन करने के लिए पर्यटकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। पहली बार यहां आए पर्यटक शेखर ने बताया कि बाघ दिखने की सर्वाधिक संभावना के कारण ही उन्होंने इस स्थान को चुना है। एमी नामक अमेरिकी पर्यटक, जो 2017 से लगातार यहां आ रही हैं, ने बताया कि बांधवगढ़ से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है क्योंकि यहीं उन्होंने पहली बार जीवन में बाघ देखा था। एक अन्य पर्यटक ने 2 अक्टूबर को अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में इस यात्रा को खास बताया है और उन्हें जंगल सफारी के दौरान बाघ के दीदार की पूरी उम्मीद है।
जैव विविधता और भविष्य की संभावनाएं
बांधवगढ़ का महत्व केवल बाघों की मौजूदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने घने जंगलों और अनूठी जैव विविधता के लिए भी विश्व भर में जाना जाता है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में जंगल की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारने के लिए उत्साहित रहते हैं। पार्क प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि मानवीय हस्तक्षेप के बीच वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे। यह स्थान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सदा से ही शोधकर्ताओं और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों के आने का अनुमान है, जिसे देखते हुए ऑनलाइन बुकिंग पहले से ही लगभग फुल हो चुकी है। अब पूरे सीजन के दौरान पार्क प्रबंधन का पूरा ध्यान नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और पर्यटकों को एक सुरक्षित एवं यादगार सफारी अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित रहेगा। इस सफलता से स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी नया संबल प्राप्त होगा।