पहाड़ी इलाकों में पारा लुढ़का और मैदानी क्षेत्रों में बढ़ी ठंड
राज्यों के विभिन्न हिस्सों में रात और सुबह के समय तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है जिससे ठिठुरन बढ़ने लगी है। सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस, भुंतर का 7.5 डिग्री सेल्सियस, सोलन का 8 डिग्री सेल्सियस और बिलासपुर का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा ताबो का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस और केलांग का तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। प्रदेश भर के करीब ग्यारह शहरों में न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंच चुका है। हालांकि दूसरी तरफ ऊना शहर का अधिकतम तापमान अभी भी 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है जिससे वहां गर्मी का असर कायम है। राज्य का औसत न्यूनतम तापमान अपने तय पैमाने से एक डिग्री नीचे उतर चुका है जबकि औसत अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर ही चल रहा है। पालमपुर और चंबा शहरों के न्यूनतम तापमान में मानक आंकड़ों के मुकाबले तीन दशमलव दो डिग्री की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है जिससे इन क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप अधिक महसूस किया जा रहा है।
पर्यटन स्थलों पर लौटी रौनक और बारिश का कुल आंकड़ा
पिछले चार से पांच दिनों के दौरान लगातार खिली धूप की वजह से पहाड़ी इलाकों का मौसम पर्यटकों के घूमने के लिए बेहद अनुकूल हो गया है। शिमला, मनाली, कसौली और डलहौजी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देश भर से आने वाले सैलानियों की संख्या में अचानक इजाफा देखने को मिल रहा है। विंटर सीजन के दौरान एक तारीख से उन्नीस अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में सामान्य से चालीस प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस तय अवधि में आमतौर पर बीस दशमलव एक मिलीमीटर पानी बरसता है मगर इस बार यह आंकड़ा बढ़कर अट्ठाईस दशमलव एक मिलीमीटर रिकॉर्ड हुआ है। कांगड़ा जिले में सामान्य से एक सौ अड़तालीस प्रतिशत और बिलासपुर जिले में सामान्य से एक सौ तीन प्रतिशत अधिक बारिश आंकी गई है। इसके अतिरिक्त सोलन में सत्तर प्रतिशत, हमीरपुर में त्रेसठ प्रतिशत तथा ऊना में सत्तावन प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई है। कुल्लू में चालीस, लाहौल-स्पीति में छतीस, चंबा में पैंतीस, शिमला में चौंतीस और मंडी में सोलह प्रतिशत अधिक पानी गिरा है जबकि सिरमौर में उनतालीस और किन्नौर में तीस प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान और पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक लगातार धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दिन में धूप रहने से लोगों को राहत मिलेगी लेकिन रात के समय तापमान सामान्य के करीब या उससे नीचे रहने के कारण मैदानी और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बनी रहेगी। आगामी तेईस अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान बिल्कुल साफ रहने का अनुमान जताया गया है। इसके पश्चात चौबीस और पच्चीस अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिसके प्रभाव से कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर जिलों की सबसे ऊंची चोटियों वाले स्थानों पर हल्का हिमपात भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि छब्बीस अक्टूबर से एक बार फिर से पूरे प्रदेश भर में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। धूप खिलने से पर्यटकों की आमद बढ़ने और स्थानीय कारोबार को गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।