लखनऊ। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में हथियारों की कथित आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें सीतापुर और आजमगढ़ की दो महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में हरियाणा के सोनीपत निवासी कुनाल (21) और सुमित (19), सीतापुर के मिश्रिख थाना क्षेत्र के नहवइया निवासी राधा (23) और आजमगढ़ के कोठियार निवासी बबीता (23) शामिल हैं। चारों को 20 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया।

अमृतसर से पिस्टल और कारतूस जुटाने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि कुनाल ने अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए थे। इसके बाद राधा और बबीता के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, कुनाल एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से अनिल पंडित के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि कुनाल की पहचान हरसाना गांव के एक परिचित के जरिए अनिल पंडित से हुई थी। कुनाल हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उसकी मुलाकात राधा से हुई थी और बाद में उसने उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया।
दिल्ली से मुंबई पहुंचीं राधा और बबीता
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को कुनाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। उस समय पिस्टल राधा के बैग में थी। दोनों के मुंबई रवाना होने के बाद भी कुनाल उनसे एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा और कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा।
17 अक्टूबर को दोनों दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। पुलिस का आरोप है कि उसी दिन सुबह करीब 11 बजे होटल के पास एक नाबालिग लड़का राधा से बैग लेकर चला गया। जांच एजेंसी अब उस लड़के की पहचान और हथियार किसे सौंपा गया, इसका पता लगा रही है।
फायरिंग के बाद मुंबई से रवाना हुईं
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। इसके बाद अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुनाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उनके निकलने की व्यवस्था करने को कहा।
जांचकर्ताओं के अनुसार, राधा और बबीता उसी दिन दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस में सवार होकर दिल्ली रवाना हो गईं। दोनों को 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जबकि कुनाल और सुमित को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया।
मुंबई पुलिस की सीआईडी कर रही पूछताछ
चारों आरोपितों को पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(1)(बी) के तहत कलंदरा के जरिए अदालत में पेश किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई की टीम ने हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत की अनुमति के बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की मंजूरी मिली।
मुंबई पुलिस की सीआईडी अब हथियार की आपूर्ति, उसे लेने वाले व्यक्ति और फायरिंग की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अनिल पंडित की कथित भूमिका क्या थी और गिरफ्तार आरोपितों का फायरिंग करने वालों से किस स्तर तक संपर्क था।