देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति, बरेली निवासी भाजपा नेता पप्पू गिरधारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। रेखा आर्या की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद गिरधारी ने उन पर कथित भ्रष्टाचार के जरिए 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से गिरधारी के भूमिगत होने की खबर है।
उन्होंने फेसबुक लाइव में कहा कि वह जल्द उत्तराखंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर
मंत्री की संपत्तियों और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे।
उनका दावा है कि मंत्री के विभाग में करीब दस वर्षों से भ्रष्टाचार हो रहा है और
उन्होंने इस बारे में कई बार रेखा आर्या के सामने आपत्ति जताई थी।
17 साल तक राजनीतिक सहयोग का दावा
भाजपा नेता पप्पू गिरधारी ने कहा कि उन्होंने 17 वर्षों तक रेखा आर्या के राजनीतिक सफर में सहयोग किया और चुनावों के
दौरान उनके समर्थन में काम किया। उनका आरोप है कि इस बार चुनाव लड़ाने के लिए
उत्तराखंड जाने से मना करने पर रेखा आर्या उनसे नाराज हुईं और उनके खिलाफ रिपोर्ट
दर्ज कराई। ये दावे भी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
गिरधारी ने ऑडियो को बताया फर्जी
पप्पू गिरधारी ने अपनी पूर्व महिला मैनेजर के जरिए वसूली कराए जाने का आरोप
भी मंत्री पर लगाया। उनका कहना है कि महिला मैनेजर मंत्री से जुड़े मामलों की
जानकारी रखती थी और इसी वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई हुई। उन्होंने मंत्री की ओर से
जारी बताए जा रहे ऑडियो को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया कि उसे एआई की मदद से बनाया
गया है। ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CM धामी से निष्पक्ष जांच की मांग
पप्पू गिरधारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्री की संपत्तियों और
विभाग में कथित भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की। उन्होंने रेखा आर्या से आरोप
वापस लेने की अपील भी की और गोलू देवता की कसम खाने की चुनौती दी। कंपनी में
इस्तीफे और शेयरों को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्या की भी
संबंधित कंपनी में हिस्सेदारी है।
इस मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित
दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।