विदेशी निवेश की घोषणा और मुख्य आंकड़े
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी चार दिवसीय सिंगापुर यात्रा को पूरा करने के बाद राज्य की औद्योगिक प्रगति के लिए इसे बेहद कामयाब बताया है। मुख्यमंत्री की यह यात्रा 3 अक्टूबर से 6 अक्टूबर के बीच संपन्न हुई थी। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा नामित सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम में भाग लेने के बाद वे राज्य लौटे हैं। स्वदेश लौटने पर उन्होंने आधिकारिक तौर पर राज्य के वास्ते 43,600 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों को हासिल करने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस भारी भरकम पूंजी निवेश के जरिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। विदेशी निवेशकों के साथ हुए इन करारों से न केवल औद्योगीकरण की गति तेज होगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यह पूंजी राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलकर रख देगी।
डेटा सेंटर और कृषि क्षेत्र में करार
इस बड़े निवेश पैकेज के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई बड़े समझौते किए गए हैं। एनर्जी कैपिटल ग्लोबल कंपनी द्वारा राज्य में 41,750 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक आधुनिक 100 मेगावाट क्षमता वाला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई-रेडी डाटा सेंटर कैंपस स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा वैलेंसी इंटरनेशनल नामक वैश्विक एग्री-बिजनेस फर्म छत्तीसगढ़ में 350 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य काजू, तिल, दाल और मूंगफली जैसी प्रमुख फसलों की प्रोसेसिंग तथा उनके निर्यात को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से राज्य के किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो पाएगा। वहीं सन स्ट्रीम ग्रीन एनर्जी नामक कंपनी द्वारा 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जो बैटरी स्टोरेज और उससे जुड़े हुए अन्य कलपुर्जों के निर्माण कार्य पर काम करेगी। इन सभी परियोजनाओं से राज्य के कृषि और तकनीकी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
कौशल विकास और भविष्य की योजनाएं
औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को उन्नत बनाने के लिए भी अहम कदम उठाए गए हैं। सिंगापुर की जानी-मानी संस्था आईटीई एजुकेशन सर्विसेज के साथ एक आधिकारिक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस अनुबंध के तहत छत्तीसगढ़ के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई कॉलेजों के पाठ्यक्रम और वहां दिए जाने वाले प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढाला जाएगा। स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी शिक्षा मिलने से उन्हें रोजगार हासिल करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने अपने इस हालिया विदेश दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी करार दिया है। सरकार का यह प्रयास है कि इन सभी प्रस्तावों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए ताकि प्रदेश के किसानों, युवाओं और आम नागरिकों को इसका पूरा लाभ मिल सके।