BMC Bulldozers Ajay Devgn Bungalow : मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अभिनेता अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले पर बुलडोजर चलाकर कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। बीएमसी ने यह कार्रवाई कर अभिनेता के बंगले में बिना अनुमति किए गए निर्माण को हटा दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीमीएमसी ने ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई 12 अक्टूबर को की है। बीएमसी को जानकारी मिली थी कि अभिनेता के बंगले में बदलाव कर व्यावसायिक सैलून व स्पा शुरू करने की योजना थी।
बता दें कि बंगला जुहू की कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित है और इसका
क्षेत्रफल करीब 7,802
वर्ग फुट बताया गया है। बीएमसी के अनुसार, बंगले के अंदर सिपोरेक्स ब्लॉक से दीवारों, खिड़कियों और अन्य ढांचागत हिस्सों में
बदलाव किए जा रहे थे, जिनके
लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी।
बीएमसी ने पहले दिया था काम रोकने का नोटिस
रिपोर्टों के मुताबिक,
बीएमसी के बिल्डिंग प्रपोजल विभाग ने मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 की धारा 354ए के तहत 10 सितंबर 2026 को काम रोकने का नोटिस दिया था। देवगन
परिवार की ओर से जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया था। बीएमसी का कहना
है कि तय समय में जरूरी दस्तावेज या जवाब नहीं मिले और काम जारी रहा। इसके बाद
निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कथित अनधिकृत निर्माण हटाया।
सैलून और स्पा खोलने की योजना पर था विवाद
बंगले को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए देने की योजना के बाद विवाद
शुरू हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, देवगन परिवार ने 10
अगस्त 2026 को
बंगला ‘फ्लोरियन हुरेल सैलून्स प्राइवेट लिमिटेड’ को पांच साल की लीज पर दिया था।
रिपोर्ट में सौदे की कुल कीमत 10.61
करोड़ रुपये और शुरुआती मासिक किराया 16 लाख रुपये बताया गया है। बंगले में सैलून और स्पा खोलने की योजना
थी।
सोसाइटी के निवासियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। उनका कहना था
कि आवासीय इलाके में व्यावसायिक गतिविधि से यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
सोसाइटी ने एनओसी की शर्तों का हवाला दिया
सोसाइटी का दावा है कि उसने 22 जुलाई 2026 को
वीणा वीरेंद्र देवगन और अजय (विशाल) देवगन को बंगला किराए पर देने के लिए एनओसी दी
थी, लेकिन
व्यावसायिक इस्तेमाल या ढांचागत बदलाव के लिए नहीं। सोसाइटी ने कथित तौर पर वैध
मंजूरियां दिखाने के लिए 15
दिन का समय दिया था। दस्तावेज न मिलने पर उसने 8 सितंबर को बीएमसी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
बीएमसी की कार्रवाई और निर्माण की अनुमति से जुड़े दावे मीडिया
रिपोर्टों पर आधारित हैं। मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और निगम के
विस्तृत आधिकारिक बयान का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्टों में सीमित है।